बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर में 24 वर्षीय युवती निकिता लोधी की मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। जांच में युवती के प्रेमी विकास गुर्जर उर्फ विराट की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। एमआईजी पुलिस ने विकास के खिलाफ बीएनएस की धारा 108, 212(बी) और 238(बी) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम और परिजनों के आरोप
पुलिस के अनुसार, मूलत: गंगई तेदूंखेड़ा नरसिंहपुर निवासी 24 वर्षीय निकिता पुत्री विश्वनाथसिंह लोधी पिछले लगभग दो साल से अंबेडकर नगर, इंदौर में रहकर अलग-अलग कंपनियों में नौकरी करती थी। वह विकास गुर्जर से बातचीत करती थी। परिजनों के बयान में सामने आया है कि 1 अगस्त की रात निकिता विकास से फोन पर बात करते हुए रोने लगी थी। बहन निधि ने कारण पूछा, तो निकिता ने बताया कि विकास किसी अन्य युवती से बात करता है और मना करने पर उसने उसे ‘मर जाने’ के लिए कहा था। अगले दिन विकास ने निकिता के परिजनों को फोन कर बताया कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और उन्हें कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर बुलाया। बाद में निकिता को लक्ष्मी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि विकास ने निकिता के छत से गिरने की बात छिपाकर हादसे की झूठी कहानी बताई थी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच
पुलिस के मुताबिक, जांच में प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या के लिए उकसाने और घटना से जुड़े तथ्यों को छिपाने का पाया गया है।

