बुलंद सोच, इंदौर।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश ट्रैवल एसोसिएशन ने इंदौर में एक परिचर्चा का आयोजन किया। इस परिचर्चा का मुख्य उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाना था। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं, ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और बदलते परिदृश्य पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
यात्रा का महत्व और प्रदेश की धरोहर
कार्यक्रम में बतौर अतिथि वक्ता शामिल हुईं कल्चरल एवं आर्किटेक्चरल कंजर्वेशनिस्ट संघमित्रा सिंह पिपलोदा ने यात्रा के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के विचारों का उल्लेख करते हुए बताया कि हर व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक बार किसी नई जगह की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। संघमित्रा सिंह पिपलोदा ने कहा कि नई जगहों पर जाने से न केवल मानसिक शांति और सकारात्मकता मिलती है, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों को करीब से जानने का अवसर भी प्राप्त होता है। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा किताबों से परे वास्तविक जीवन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है। संघमित्रा सिंह ने साझा किया कि वे जब भी किसी स्थल का दौरा करती हैं, तो एक सामान्य पर्यटक के बजाय स्थानीय नागरिक की तरह वहां समय बिताती हैं, जिससे वहां के इतिहास और जीवनशैली को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। मध्य प्रदेश और मालवा की समृद्ध धरोहर पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में पाषाण युग के अवशेषों से लेकर आधुनिक कला तक का विस्तृत इतिहास मौजूद है। उन्होंने स्थापत्य संरक्षण में पर्यटन से जुड़े लोगों की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
इंदौर की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन
सेंट्रल इंडिया के इतिहासकार जफर अंी ने इंदौर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इंदौर की सांस्कृतिक परंपराएं और त्यौहार अत्यंत समृद्ध हैं। जफर अंी ने बताया कि रंगपंचमी, मोहर्रम और अनंत चतुर्दशी जैसे पारंपरिक आयोजन अब वैश्विक स्तर पर पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अभी भी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसे ऐतिहासिक पहलू हैं जो आम पर्यटकों की पहुंच से दूर हैं। इतिहासकार जफर अंी ने कहा कि हेरिटेज वॉक और किस्सागोई जैसे प्रयोगों के माध्यम से पर्यटकों को शहर के वास्तविक इतिहास से प्रभावी ढंग से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का आह्वान किया कि वे पर्यटकों की रुचि और जुड़ाव के बिंदुओं को समझकर नए प्रयास करें।
पर्यटन विकास में संवाद की भूमिका
मध्य प्रदेश ट्रैवल एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन ने परिचर्चा का संचालन करते हुए संस्था के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन का प्रयास रहता है कि पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को नियमित रूप से ऐसा मंच उपलब्ध कराया जाए, जहां विचारों का आदान-प्रदान हो सके। हेमेंद्र सिंह जादौन ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से प्रदेश के पर्यटन को नई दिशा देने वाले विचार सामने आते हैं।

