बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वाकांक्षी और लोकप्रिय पहल के रूप में उभरी है। यह योजना केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए चलाई जा रही सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक प्रोत्साहन योजनाओं की कड़ी में आती है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश की करोड़ों पात्र महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
मध्य प्रदेश सरकार पात्र लाड़ली बहनों को प्रति माह 1,500 रुपये की राशि ट्रांसफर करती है। इस सहायता का उद्देश्य महिलाओं को स्वावलंबी बनाना और उनके आर्थिक स्तर को सुधारना है। यह राशि बिना किसी मध्यस्थ के, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती है।
योजना के तहत आगामी 39वीं किस्त का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए राहत की खबर है। अभी तक राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से किस्त जारी करने की किसी निश्चित तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पिछले महीनों के भुगतान पैटर्न और निर्धारित समय-सीमा के अनुसार किस्त जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है। योजना की किस्त हर महीने की 1 तारीख से 15 तारीख के मध्य जारी की जाती है। पिछले वितरण के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि अगस्त 2026 की किस्त 10 अगस्त के आसपास पात्र महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है।
लाड़ली बहना योजना पर एक बड़ा अपडेट यह है कि मध्य प्रदेश सरकार इंपैक्ट टेस्ट से इसकी गहन पड़ताल करेगी। स्कीम पर पहली बार सामाजिक अध्ययन होगा।
यदि किसी महिला के बैंक खाते में डीबीटी सुविधा बंद है या आधार लिंक नहीं है, तो योजना की राशि खाते में ट्रांसफर नहीं हो पाएगी। इसलिए लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी बैंक शाखा में जाकर समय रहते डीबीटी की स्थिति की जांच कर लें और जरूरत पड़ने पर इसे दोबारा एक्टिव करवा लें।

