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2026-10-17

मध्य प्रदेश के नेशनल हाइवे पर लगेगा स्मार्ट स्ट्रीट लाइट सिस्टम, कंट्रोल रूम से होगा संचालन

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में अब नेशनल हाइवे और एक्सप्रेस वे की स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट किया जाएगा। नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) के निर्देशों के पालन में ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, खंडवा, रीवा, रतलाम, सागर, उज्जैन और विदिशा जैसे शहरों से गुजरने वाले नेशनल हाइवे में नया केंद्रीयकृत स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम लगने जा रहा है।

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अभी तक ये लाइटें सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर बंद चालू होती हैं। खराब होने पर इनकी जानकारी भी तभी लग पाती है, जब पेट्रोलिंग वाहन पहुंचते हैं।

केंद्रीयकृत नियंत्रण एवं निगरानी प्रणाली (सीसीएमएस)

नए सिस्टम से इन लाइटों को रिमोट के माध्यम से बंद व चालू किया जा सकेगा। इसके अलावा, प्रत्येक लाइट केंद्रीय नियंत्रण एवं निगरानी प्रणाली (सीसीएमएस) के दायरे में रहेगी।

जैसे ही कोई स्ट्रीट लाइट बंद होगी, वह कंट्रोल रूम में पैनल पर नजर आने लगेगी। सीसीएमएस का वेब आधारित केंद्रीय सर्वर सभी कारिडोर की लाइटों का डेटा लेकर उसे सुरक्षित रखेगा। सिस्टम में नक्शे पर लोकेशन के साथ हर लाइट की स्थिति एक मैप पर देखी जा सकेगी।

प्रत्येक कारिडोर पर स्ट्रीट लाइटों को अलग-अलग कंट्रोल बाक्स से जोड़ा जाएगा। यही बाक्स स्ट्रीट लाइट खराब होने की सूचना लोकेशन के साथ कंट्रोल रूम तक पहुंचाएगा, जिससे मैप पर स्ट्रीट लाइट बुझी नजर आएगी। सूचना पहुंचाने के लिए 5जी नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि तेज गति से डेटा शेयर हो सके।

टेंडर प्रक्रिया और रखरखाव

इसके लिए एनएचएआइ के भोपाल स्थित रीजनल कार्यालय से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें चयनित एजेंसी को ये सिस्टम तैयार करने के साथ ही पांच साल तक उसका रखरखाव भी करना होगा।

बिजली खपत की निगरानी और सिस्टम की मजबूती

हर सीसीएमएस फीडर पैनल में थ्री-फेज ऊर्जा मीटर लगाया जाएगा। इससे वोल्टेज, करंट, पावर फैक्टर, ऊर्जा खपत और लाइटों के संचालन से जुड़े आंकड़े रिकार्ड किए जा सकेंगे। सिस्टम विद्युत आपूर्ति बाधित होने, वोल्टेज या करंट में गड़बड़ी, फीडर ट्रिप होने और अन्य तकनीकी समस्याओं की जानकारी भी देगा।

नेटवर्क फेल होने या तकनीकी गड़बड़ी के बावजूद स्ट्रीट लाइटें संचालित होती रहेंगी क्योंकि सीसीएमएस में स्वतंत्र हार्डवेयर टाइमर का प्रविधान किया गया है। पावर फेलियर के दौरान सिस्टम की रियल टाइम क्लाक और इवेंट लाग का बैकअप भी रहेगा।

साइबर सुरक्षा और केंद्रीय निगरानी

इस सिस्टम में साइबर सिक्योरिटी को भी शामिल किया गया है, जिसमें हेकिंग डिटेक्शन, सेल्फ-हीलिंग मैकेनिज्म और फेल-सेफ आपरेशन का प्रविधान है। सिस्टम को एनएचएआइ के केंद्रीय सर्वर से सुरक्षित माध्यम से जोड़ा जाएगा, जिससे केंद्रीय स्तर पर निगरानी, रिपोर्टिंग और डेटा मैनेजमेंट किया जा सकेगा।

स्ट्रीट लाइटिंग में खराबी या संचार व्यवस्था बाधित होने पर एजेंसी को अधिकतम 48 घंटे में सिस्टम बहाल करना होगा।

अधिकारी का बयान

एनएचएआइ भोपाल के जनरल मैनेजर अजय कुमार स्वामी ने बताया कि प्रदेश के हाइवे और एक्सप्रेस वे की स्ट्रीट लाइटों को सीसीएमएस सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है, जिसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सीसीएमएस से जुड़ने के बाद प्रत्येक स्ट्रीट लाइट की रियल टाइम निगरानी हो सकेगी।