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2026-10-17

मध्य प्रदेश में दो दशक बाद सरकारी बस सेवा का पुनर्गठन

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

मध्य प्रदेश में लगभग दो दशक बाद यात्री बस परिवहन को एक नए स्वरूप में पुनर्गठित किया जा रहा है। इस पूरी योजना को संचालन, निगरानी और इंफ्रास्ट्रक्चर नामक तीन स्तंभों पर तैयार किया गया है। सरकार बस संचालन की पूरी व्यवस्था को डेटा, तकनीक और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के आधार पर दोबारा व्यवस्थित करने जा रही है।

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मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर को होगा। दरअसल, वर्ष 2005 के बाद सरकारी बस परिवहन व्यवस्था की व्यवहार्यता कमजोर होने से निजी ऑपरेटरों पर निर्भरता बढ़ी थी। पिछले करीब 20 वर्षों से प्रदेश में बस संचालन मुख्य रूप से निजी क्षेत्र के भरोसे रहा है।

इस नई व्यवस्था को पीपीपी मॉडल आधारित बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने इंदौर में हुई यात्री समिट में इसकी घोषणा की थी। परिवहन एमडी मनीष सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा, जिसमें यात्री सुरक्षा, डेटा आधारित संचालन और ग्रीन मोबिलिटी योजना के केंद्र में शामिल है।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को 1 अप्रैल, 2025 को मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी दी गई थी। इसके बाद 3 जुलाई, 2025 को मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का गठन किया गया।

संस्थागत रूप देने के साथ ही प्रदेश के 55 जिलों में कुल 1036 रूट चिह्नित किए गए हैं। इनमें 150 सिटी बस मार्ग, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट मार्ग शामिल हैं। इंदौर से अन्य शहरों के लिए 23 रूट भी चिह्नित किए गए हैं। बसों का संचालन निजी बस ऑपरेटरों से अनुबंध कर होगा और इसकी निगरानी शासन स्तर से की जाएगी। बस का प्रबंधन करना ऑपरेटर की जिम्मेदारी होगी।

संचालन

बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों की भागीदारी से होगा। मांग के अनुसार शेड्यूल तय किए जाएंगे और सही बस को सही मार्ग व सही समय पर चलाने पर जोर रहेगा।

निगरानी

इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के जरिए हर बस की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। इसमें जीपीएस लोकेशन, गति और ड्राइविंग पैटर्न की निगरानी शामिल होगी। बसों में सीसीटीवी और पैनिक बटन जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।

संरचना

योजना में आधारभूत संरचना तैयार की जाएगी। इसमें बस टर्मिनल, डिपो, बस स्टॉप और सड़क किनारे यात्री सुविधाओं को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। आधुनिक डिपो में यात्रियों के साथ ऑपरेटरों की सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी।