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2026-10-17

एमपी में 24-25 सितंबर को तेज बारिश के आसार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में 23 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 24-25 सितंबर को तेज बारिश का दौर रहेगा। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में इसका अधिक असर रहेगा। इसके अतिरिक्त, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में भी बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार, इन दो दिनों में प्रदेश के लगभग 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

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मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश के ऊपर बने निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से बारिश का यह नया दौर शुरू होगा। 23 सितंबर से कुछ इलाकों में बारिश होगी, जबकि 24 और 25 सितंबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

मानसून की विदाई की शुरुआत सितंबर के आखिरी सप्ताह में होने की संभावना है। ऐसे में विदाई से पहले होने वाली यह बारिश प्रदेश के मौजूदा बारिश के आंकड़े को सुधार सकती है।

बारिश के आंकड़े

प्रदेश में अब तक 856.8 मिमी यानी 33.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 922.6 मिमी यानी करीब 36.3 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अभी 6 प्रतिशत बारिश कम है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 2 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों की बारिश से पूर्वी हिस्से का आंकड़ा तेजी से सुधरा है।

प्रदेश के 23 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

दूसरी ओर, कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी हिस्से के बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 5 से 23 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी कमी ज्यादा है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7 से 49 प्रतिशत तक कम पानी दर्ज हुआ है।

मानसून के पिछले रुझान

इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अभी भी आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी।

जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक आने से कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं। इसके बाद जुलाई के आखिरी दिनों में और फिर अगस्त में अच्छी बारिश हुई। इन दोनों महीनों का बारिश का कोटा पूरा हो गया।

हालांकि, जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। यही वजह है कि सितंबर में मानसून के आखिरी दौर तक पहुंचने के बावजूद प्रदेश की कुल बारिश अभी सामान्य से 6 प्रतिशत पीछे है।

मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है।

अब 24-25 सितंबर की संभावित बारिश से प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आंकड़े और सुधरने की उम्मीद है।