बुलंद सोच, नरसिंहपुर।

नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव तहसील अंतर्गत ग्राम राजा कछार स्थित एक स्कूल परिसर में मासूम बच्चियों से चाय बनवाने और झूठे बर्तन धुलवाने जैसा कार्य कराया जा रहा है। ये बच्चियां वे हैं जो हाथों में कलम थामकर अपना भविष्य गढ़ने वाली हैं।
सोशल मीडिया पर इस कृत्य का वीडियो वायरल होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
यह घटना सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘सर्व शिक्षा अभियान’ जैसे अभियानों के बड़े-बड़े दावों के विपरीत है।
स्कूली समय में बच्चों से ऐसे गैर-शैक्षणिक कार्य कराना उनके मौलिक अधिकारों का हनन और मानसिक विकास पर सीधा कुठाराघात है। जिम्मेदार शिक्षकों की यह लापरवाही बाल अधिकार और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
यह मामला संज्ञान में आते ही वायरल वीडियो की सूक्ष्मता से जांच शुरू कर दी गई है।
संस्था के प्रधान पाठक और संबंधित स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी वैधानिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गोटेगांव के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सिद्धांत बागड़े ने कहा कि बच्चों से गैर-शैक्षणिक कार्य कराना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को सुनहरे भविष्य और अच्छी शिक्षा की उम्मीद में स्कूल भेजते हैं, न कि शिक्षकों के बर्तन साफ करने के लिए। उन्होंने दोषी कर्मचारियों पर तत्काल सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

