बुलंद सोच, कोच्चि।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को कर्नाटक के भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू की 2022 में हुई हत्या के मामले में एक और मुख्य फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान उमर फारूक एम.आर. के तौर पर हुई है, जिसे विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक खास ऑपरेशन में केरल के कोच्चि से पकड़ा गया। इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 25 हो गई है।
फरार आरोपी उमर फारूक के खिलाफ ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ और गिरफ्तारी के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। जांच एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 4 लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी।
एनआईए ने पहले ही उमर फारूक के खिलाफ हत्या की साजिश के मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।
जांच से पता चला कि वह सुलिया शहर में प्रतिबंधित संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) के दफ्तर में अन्य आरोपियों के साथ साजिश रचने के लिए हुई एक बैठक में शामिल हुआ था।
जांच में यह भी सामने आया कि उमर फारूक हत्या से पहले बेल्लारे गांव में संभावित लक्ष्यों की पहचान करने और रेकी (निगरानी) करने के लिए एक सह-आरोपी को अपनी मोटरसाइकिल देने पर सहमत हुआ था।
उस पर इस मामले में एक संरक्षित गवाह को खत्म करने की कोशिश में अन्य सह-आरोपियों के साथ शामिल होने का भी आरोप है।
यह ताज़ा गिरफ़्तारी उस घटना के कुछ हफ़्ते बाद हुई है जब एनआईए ने इस साल जुलाई में आंध्र प्रदेश पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर एक जॉइंट ऑपरेशन में दो और फरार आरोपियों अब्दुल नासिर पी. उर्फ नासिर और नौशाद को क्रमशः केरल के कोच्चि और तमिलनाडु के होसुर से गिरफ़्तार किया था।
26 जुलाई, 2022 को दक्षिण कन्नड़ ज़िले के स्थानीय बीजेपी नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या से काफी आक्रोश फैल गया था, जिसके बाद एनआईए ने इस मामले की जाँच अपने हाथ में ले ली थी।
एनआईए जांच से पता चला है कि यह हत्या प्रतिबंधित पीएफआई के सदस्यों द्वारा रची गई एक बड़ी आपराधिक साज़िश का हिस्सा थी।
इस मामले में दो आरोपी अभी भी फ़रार हैं, और बाकी फ़रार आरोपियों का पता लगाने तथा उन्हें गिरफ़्तार करने सहित जाँच को तार्किक अंजाम तक पहुँचाने की कोशिशें जारी हैं।

