बुलंद सोच, अमलाई।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अमलाई और बुढ़ार के बीच निर्माणाधीन रोड ओवरब्रिज (ROB-66) के रेलवे हिस्से का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। रेलवे प्रशासन ने अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए लगभग 500 टन वजनी ओपन वेब स्टील गर्डर को रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बने पियरों पर सफलतापूर्वक स्थापित किया है। इस विशालकाय गर्डर को उठाने के लिए 1000 टन क्षमता वाली अत्याधुनिक क्रॉलर क्रेन की सहायता ली गई, जिससे गर्डर को एक ही बार में उठाकर सटीक स्थान पर रखा गया। आधुनिक तकनीक के माध्यम से किया गया यह कार्य दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस जटिल कार्य को सुरक्षित रूप से पूरा करने के लिए रेलवे प्रशासन ने 3 घंटे का विशेष ‘ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक’ लिया था। ब्लॉक के दौरान संबंधित रेल खंड पर ट्रेनों का आवागमन अस्थायी रूप से नियंत्रित रखा गया और ओवरहेड बिजली तारों (OHE) की विद्युत आपूर्ति बंद की गई। ‘गति शक्ति यूनिट, बिलासपुर’ के मार्गदर्शन में चल रही इस परियोजना के गर्डर लॉन्चिंग के दौरान चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर (CPM), डिप्टी चीफ इंजीनियर और सहायक मंडल अभियंता (ADEN) मौके पर उपस्थित रहे। इस ओवरब्रिज के रेलवे हिस्से का निर्माण कार्य अक्टूबर 2024 में शुरू हुआ था।
आगामी कार्य और लाभ
गर्डर की सफल स्थापना के बाद अब आगे का काम तेजी से पूरा किया जाएगा, जिसमें गर्डर के ऊपर कंक्रीट स्लैब ढालने और सड़क बनाने का काम अगले 2 महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगले 3 महीनों के भीतर इस ओवरब्रिज को आम जनता के लिए खोलने की संभावना है। रोड ओवरब्रिज-66 (ROB-66) के पूरी तरह चालू हो जाने से अमलाई और बुढ़ार के बीच यात्रा करने वाले लोगों को रेलवे फाटक के जाम से मुक्ति मिलेगी। इससे आवागमन अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम हो जाएगा, जिससे स्थानीय व्यापार और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।

