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2026-08-14

करोड़ों के विकास के बाद भी मल्हारगढ़ स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, मल्हारगढ़।

मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन का विकास नीमच-रतलाम दोहरीकरण के तहत करोड़ों रुपये लगाकर किया गया है। स्टेशन का नवीनीकरण हुआ है और पटरियां बढ़ाई गई हैं, जिससे अब एक साथ दो ट्रेनें क्रॉस कर सकती हैं।

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हालांकि, इस विकसित स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है, जिसे आमजन के लिए सबसे आवश्यक बताया जा रहा है।

खासकर कोटा-मंदसौर एक्सप्रेस का रुकना यहां बहुत जरूरी है, क्योंकि अंचल के कई लोगों का कोटा आना-जाना लगा रहता है।

लोगों का कहना है कि यदि स्टेशन पर ट्रेनें रुकने लगें, तो हुए विकास कार्यों का लाभ आमजन उठा सकेंगे।

मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर आमजन लंबे समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

वर्तमान ठहराव और प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी

वर्तमान में मल्हारगढ़ स्टेशन पर जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस, डेमू, आगरा फोर्ट-रतलाम, उदयपुर-मंदसौर पैसेंजर और मंदसौर-कोटा पैसेंजर ट्रेनें ही रुक रही हैं।

सीधी उज्जैन, भोपाल और अहमदाबाद की ट्रेनें यहां नहीं रुकती हैं।

भोपाल जाने वालों को रात की ट्रेन में बैठने के लिए पिपलियामंडी, मंदसौर या नीमच जाना पड़ता है, क्योंकि जयपुर-भोपाल एक्सप्रेस का ठहराव नहीं है।

इंदौर-अवा एक्सप्रेस का ठहराव न होने से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अहमदाबाद जाने वाले परेशान हो रहे हैं। यह ट्रेन रतलाम में 45 मिनट, वहीं देवास व उज्जैन में 15-15 मिनट खड़ी रहती है।

चित्तौड़-उज्जैन ट्रेन का भी ठहराव नहीं है, जिसके लिए रतलाम से ट्रेन बदलना पड़ रही है। कोटा-मंदसौर एक्सप्रेस का भी ठहराव नहीं है, जबकि कोटा से हरिद्वार जाने के लिए ट्रेन मिल जाती है।

स्थानीय महत्व और जन प्रतिनिधियों की भूमिका

मल्हारगढ़ उपखंड मुख्यालय है, जहां एसडीएम कार्यालय, तहसील और सीएम राइज सहित विकासखंड स्तरीय कार्यालय स्थित हैं, फिर भी ट्रेनों का ठहराव नहीं हो रहा है।

लोगों का कहना है कि जिले से दो-दो सांसद होने के बावजूद वे इस मुद्दे में रुचि नहीं ले रहे हैं। मल्हारगढ़ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का विधानसभा मुख्यालय भी है।

मल्हारगढ़ से कई छात्र और युवा नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा रोजगार के अवसरों के लिए भोपाल, बेंगलुरु, दिल्ली और जयपुर जैसे बड़े शहरों में जाते हैं। प्रमुख ट्रेनों का ठहराव न होने से उन्हें अन्यत्र मार्ग से जाना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है और समय व संसाधनों की परेशानी बढ़ती है।

मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन से आस-पास के कई गांवों जैसे कुचड़ोद, जीरन, चीताखेड़ा, भंवरासा, पालसोड़ा, हरकियाखाल, झारड़ा, मनासा, कनघट्टी के लोग जुड़े हुए हैं। राजस्थान के प्रतापगढ़ से जुड़े गांवों के लोगों के लिए भी मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन सबसे पास पड़ता है।

एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव से सैकड़ों लोगों को फायदा होगा और मल्हारगढ़ में आर्थिक मजबूती भी मिलेगी।

प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग

आमजन द्वारा काचीगुडा-भगत की कोठी-काचीगुड़ा एक्सप्रेस, जयपुर-भोपाल-जयपुर एक्सप्रेस, चित्तौड़-उज्जैन-चित्तौड़, इंदौर-अवा (अहमदाबाद) और कोटा-मंदसौर-कोटा एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की जा रही है।

नागरिकों की प्रतिक्रिया

मल्हारगढ़ निवासी कृष्णकांत सेन ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए। उन्होंने रेलवे प्रशासन से यात्री संख्या एवं सुविधाओं का वास्तविक सर्वे कराकर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव करने का आग्रह किया। सेन ने यह भी कहा कि मल्हारगढ़ क्षेत्र के कई युवा बड़े शहरों में पढ़ने या नौकरी के लिए जाते हैं, इसलिए एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव आवश्यक है। उन्होंने रेलवे द्वारा पिपलियामंडी को प्राथमिकता देने के निर्णय को सार्वजनिक करने की भी मांग की।

मल्हारगढ़ के रफीक मंसूरी ने बताया कि उन्होंने पिछले बारह सालों में कई बार सांसद सुधीर गुप्ता और भाजपा के पदाधिकारियों को ट्रेनों के ठहराव को लेकर पत्र सौंपे हैं। उन्होंने राज्यसभा सदस्य बंशीलाल गुर्जर को भी पत्र दिए, लेकिन मल्हारगढ़ की सुध लेने को कोई तैयार नहीं है। मंसूरी ने भोपाल, उज्जैन और अहमदाबाद की ट्रेनों के ठहराव की आवश्यकता पर जोर दिया।

जोगनी निवासी दिनेश पाटीदार ने कहा कि मल्हारगढ़ में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए। उन्होंने बताया कि भोपाल या अहमदाबाद जाने के लिए मंदसौर-नीमच जाकर ट्रेन में बैठना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी आती है। पाटीदार ने मंदसौर-कोटा का ठहराव होने की बात कही, क्योंकि वहां से सीधे हरिद्वार की ट्रेन मिल जाती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कई लोग स्वजनों की अस्थियां लेकर जाते हैं और उन्हें अन्यत्र स्टेशनों से जाकर बैठना पड़ता है।

मल्हारगढ़ निवासी राजेश भाना ने बताया कि रेलवे स्टेशन का विकास तो हुआ है, लेकिन ट्रेनें नहीं रुक रही हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में ज्ञापन दिए गए थे, लेकिन अभी तक कोई ठहराव नहीं हुआ है। भाना ने अहमदाबाद जाने के लिए मंदसौर-नीमच जाने की मजबूरी बताई और एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग की।

मल्हारगढ़ के मयंक यति ने कहा कि मरीजों को लेकर अहमदाबाद जाने के लिए अन्यत्र स्टेशन पर जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि उज्जैन के लिए ट्रेन निकल रही है, लेकिन ठहराव नहीं है, जबकि यह मेमू ट्रेन है तो रुकना चाहिए। यति ने भोपाल के लिए भी ट्रेन के ठहराव की आवश्यकता जताई।