बुलंद सोच, बालाघाट।

बहुचर्चित चावल कांड में पूर्व मंत्री और भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के भतीजे तथा हर्ष राइस इंडस्ट्री के साझेदार आरोपित अविनाश कावरे की न्यायिक अभिरक्षा (जेआर) समाप्त होते ही वारासिवनी न्यायालय ने उन्हें 14 अगस्त तक के लिए पुनः पुलिस रिमांड (पीआर) पर भेज दिया है।
विशेष जांच दल (एसआईटी) अब अविनाश से गहन पूछताछ कर मामले में उनकी व अन्य साझेदारों की संलिप्तता को लेकर नए सिरे से पड़ताल करेगी।
एसआईटी ने अविनाश को 31 जुलाई को गिरफ्तार कर वारासिवनी न्यायालय में पेश किया था, जिसके बाद उन्हें तीन अगस्त तक रिमांड पर लिया गया था।
इस मामले में कुछ लोगों द्वारा इसे जेल न जाने का षडयंत्र बताया जा रहा है, तो कुछ इसे रसूख का प्रभाव मान रहे हैं, जिसको लेकर पुलिस पर कई सवाल खड़े हुए हैं।
विधायक अनुभा मुंजारे ने उठाए सवाल
मंगलवार को बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर एसआईटी की जांच को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
विधायक मुंजारे ने पूर्व मंत्री के भाई और हर्ष राइस इंडस्ट्री के प्रमुख साझेदार कुमार (राजकुमार) कावरे की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस से सवाल किया कि एसआईटी छोटे और सामान्य लोगों पर कार्रवाई कर सकती है, तो फिर प्रभावशाली और बड़े लोगों पर कार्रवाई करने से क्यों पीछे हट रही है।
उन्होंने हर्ष राइस इंडस्ट्री के अन्य साझेदारों की भूमिका की निष्पक्ष जांच करने और महिला या पुरुष, जिसकी भी भूमिका सामने आए, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
विधायक ने भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे पर अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर करीबियों को बचाने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस और प्रशासन पर दबाव बनाने की बात सामने आ रही है।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि यदि पुलिस किसी फरार आरोपितों के परिजनों को पूछताछ के लिए थाने ला सकती है, तो प्रभावशाली आरोपितों के मामले में अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है।
आरोपितों की स्वास्थ्य स्थिति पर चिंता
चावल कांड में पूर्व में गिरफ्तार गोंदिया (महाराष्ट्र) के राइस मिल संचालक जुगलप्रसाद खंडेलवाल और उनके भाई किशनलाल खंडेलवाल को भी वारासिवनी न्यायालय ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था, लेकिन सेहत खराब होने के कारण उनका पिछले सप्ताहभर से अस्पताल में उपचार चल रहा है।
गौरतलब है कि एसआईटी ने जब जुगलप्रसाद को पूछताछ के लिए बालाघाट बुलाया था, तब भी उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें आनन-फानन में गोंदिया के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अविनाश कावरे के अस्पताल में भर्ती होने पर विधायक मुंजारे ने सरकार और प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद जेल जाने के बजाय अविनाश के अस्पताल में भर्ती होकर कथित रूप से वीआईपी सुविधा लेने की बात सामने आ रही है।
विधायक ने सवाल किया कि 30-32 वर्ष के युवक को ऐसी कौन सी गंभीर बीमारी हुई कि उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की।
शहर में बढ़ते अपराध पर भी चिंता
विधायक मुंजारे ने कोतवाली थाना क्षेत्र में बढ़ते अपराध और हाल ही में सामने आए नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले को लेकर भी पुलिस प्रशासन को घेरा।
उन्होंने कहा कि शहर में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय है और पुलिस को प्रभावी पुलिसिंग, गश्त तथा निगरानी बढ़ानी चाहिए।
दुष्कर्म मामले में दोषियों की जल्द गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
विधायक ने कहा कि चावल मामला हो, बिरसा क्षेत्र में बच्चों की मौत का मामला हो या फिर शहर में बढ़ते अपराध का मुद्दा, प्रत्येक मामले में सरकार और प्रशासन को जवाबदेही तय करनी होगी।

