बुलंद सोच, छत्रपति संभाजीनगर।

छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित सीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में यह निर्णय सामने आया कि संगठन राजनीतिक दल के रूप में नहीं, बल्कि जन दबाव समूह के तौर पर कार्य करेगा। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं से जनता का विश्वास घटा है, और इसे पुनः स्थापित करने के लिए जनआंदोलन आवश्यक है।
जंतर-मंतर आंदोलन और भविष्य की रणनीति
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के पश्चात, देशभर के युवाओं से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हेतु सीजेपी की दो दिवसीय कोर कमेटी की बैठक आहूत की गई है। अभिजीत दीपके ने बताया कि पहले आंदोलन की सफलता के उपरांत लोगों की अपेक्षाएं और संगठन की जिम्मेदारियां दोनों में वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर का आंदोलन केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पूरे देश के युवाओं का आंदोलन बन गया। दो दिवसीय बैठक में इस बात पर गहन चर्चा की जा रही है कि देशभर के युवाओं के लिए किस प्रकार कार्य किया जाए और आगे की रणनीति क्या होगी। इस बैठक में सौरव दास, आशुतोष रांका सहित अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित हैं।
आगामी मुद्दे और घोषणा
कोर कमेटी की बैठक से संकेत मिले हैं कि छात्रों के मुद्दों के अतिरिक्त, संगठन का अगला मुख्य बिंदु इथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल भी हो सकता है। बैठक में इस विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया, और देशभर में ई-20 पेट्रोल के प्रति लोगों की नाराजगी के मद्देनजर सीजेपी इसके विरोध में उतर सकती है। संगठन ने घोषणा की है कि वह बृहस्पतिवार को अपनी अगली रणनीति का खुलासा करेगा।

