बुलंद सोच, भोपाल।
भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिए हैं। ये निर्देश आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के विरुद्ध सेवा के दौरान शासकीय कार्य के चलते न्यायालय में मामले दर्ज होने पर कानूनी मदद उपलब्ध कराने के संबंध में हैं।
अब मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करेगा। भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार, अधिकारियों को कानूनी सहायता केवल सरकारी कामकाज से जुड़े मामलों में ही मिलेगी।
यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध उसके आधिकारिक कार्य के कारण प्रकरण दर्ज होता है, तो सरकार बचाव में उतर सकती है।
यदि कोई निजी व्यक्ति अधिकारी के निर्णय को लेकर मामला दर्ज करता है और अधिकारी अपनी कार्रवाई को सही साबित करने के लिए स्वयं न्यायालय जाता है, तो उसे ब्याज मुक्त अग्रिम राशि दी जा सकती है।
इसके लिए अधिकारी को बांड भरना होगा। यदि बाद में खर्च की भरपाई स्वीकृत होती है, तो अग्रिम राशि का समायोजन कर दिया जाएगा।
सेवानिवृत्त अधिकारी को भी यह सुविधा मिलेगी।

