बुलंद सोच, ग्वालियर।
ग्वालियर के गोला का मंदिर इलाके में अनुज वाजपेयी की पीट-पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने शराब कारोबारी लल्ला शिवहरे के भांजे योगेश शिवहरे पर एफआईआर दर्ज की है। उस पर हत्या और आपराधिक षड्यंत्र रचने की धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस ने योगेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें सामने आया कि योगेश ने ही अनुज की हत्या कराई है। जेल से शिवम उर्फ सुक्खा छूटने के बाद से ही योगेश ने बदमाशों की गैंग उसके पीछे लगा दी थी और लगातार रेकी की जा रही थी।
तीन दिन पहले गोला का मंदिर इलाके में जेबी मंघाराम फैक्ट्री के सामने घेराबंदी कर इन लोगों पर हमला किया गया था, जिसमें अनुज की मौत हो गई।
इस वारदात में पुलिस ने योगेश शिवहरे, जीतू गुर्जर, अनिल गुर्जर, भोलू घुरैया और मृत्युंजय ठाकुर पर एफआईआर दर्ज की है। योगेश और जीतू को गिरफ्तार कर लिया गया है।
योगेश अनुज की मौत के बाद से ही पुलिस हिरासत में था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी मंगलवार को नहीं दर्शाई गई थी। उसे बुधवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है।
योगेश से पहले जीतू गुर्जर पकड़ा गया था, जिसने पूछताछ में हत्या के षड्यंत्र का राज खोला। जीतू ने बताया कि योगेश शिवहरे ने ही षड्यंत्र रचा था और वही जीतू, अनिल गुर्जर, भोलू घुरैया तथा मृत्युंजय ठाकुर से रेकी करवा रहा था।
जीतू ने यह भी बताया कि जैसे ही सुक्खा के घर से निकलने की खबर मिली, इस गैंग को उसके पीछे लगा दिया गया। इस गैंग ने जेबी मंघाराम फैक्ट्री के सामने उसे घेर लिया और कट्टा अड़ाया, जिसके बाद गोली चलाई और मारपीट भी की।
जीतू गुर्जर ने पुलिस को बताया कि उनका टारगेट शिवम वाजपेयी उर्फ सुक्खा पंडित था। ये लोग सुक्खा पर अवैध शराब बेचने का आरोप लगाते थे, और इसी को लेकर पूर्व में सुक्खा ने गोली चलाई थी, जिस मामले में वह जेल गया था। जेल से छूटने के बाद योगेश ने उसे रास्ते से हटाने की तैयारी कर ली थी।
इस मामले में मृतक के स्वजन का कहना है कि योगेश तो केवल एक मोहरा है, वह मुनीम का काम करता था। हत्या लल्ला शिवहरे के इशारे पर हुई है।
इस मामले में गोला का मंदिर पुलिस की गंभीर चूक भी सामने आई है। फरियादी ने आशंका जताई थी कि उस पर हमला हो सकता है, लेकिन पुलिस शराब ठेकेदार या उसके भांजे से पूछताछ की हिम्मत नहीं जुटा सकी और नोटिस तक नहीं दिया, जबकि पूर्व से ही यह आशंका थी कि विवाद और बढ़ेगा।

