बुलंद सोच, ग्वालियर।
शहर में लगातार हो रही वर्षा ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली इंजीनियरिंग पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। एजी पुल से लेकर विक्की फैक्ट्री तक 16 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही व्हाइट टॉपिंग रोड झांसी रोड थाने के ठीक सामने धंस गई। लगभग 10 फीट लंबाई में यह सड़क धंसी, जिसके चलते रोड से गुजर रहीं दो कारें भी फंस गईं। इसके कारण मौके पर जाम की स्थिति बन गई, हालांकि स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रैक्टर की मदद से कारों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि डेढ़ साल पहले यहां छह मीटर गहराई में सीवर लाइन डाली गई थी और उसके बाद कॉम्पेक्शन न होने के कारण सड़क धंस गई। वहीं इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों का तर्क है कि यह प्राकृतिक सेटलमेंट हुआ है। जानकारी के मुताबिक, इस रोड पर नगर निगम ने सीवर लाइन का काम कराया था, जबकि पीडब्ल्यूडी द्वारा व्हाइट टॉपिंग का काम किया जा रहा है। बुधवार को झांसी रोड थाने के नजदीक यह सड़क चार फीट गहराई तक धंसक गई। सड़क धंसकने की सूचना मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी व निगम का अमला मौके पर पहुंचा और दोनों ओर सुरक्षा के लिए बैरिकेड्स लगा दिए। करीब दो घंटे बाद निगम के अमले ने यहां गिट्टी डालकर रोलर चलाया और सड़क को मोटरेबल किया। ठीक इसी प्रकार पिछले मानसून के सीजन में चेतकपुरी रोड भी धंसकी थी, जिस पर निगम के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री पवन सिंघल, सुरेश अहिरवार, प्रभारी सहायक यंत्री महेंद्र प्रसाद अग्रवाल और जेडओ आशीष राजपूत को निलंबित किया गया था। इस मामले में नगर निगम के कार्यपालन यंत्री महेंद्र प्रसाद अग्रवाल ने बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि मौके पर सड़क धंसी ही नहीं है, क्योंकि वह अभी बनी नहीं है। उन्होंने बताया कि यह डेढ़ साल पहले डाली गई छह मीटर गहरी सीवर लाइन की ट्रेंच का प्राकृतिक सेटलमेंट है, जहां लगातार वर्षा के कारण मिट्टी डेढ़ फीट तक बैठ गई। इस पर गिट्टी डालकर रेस्टोरेशन कर उसे मोटरेबल कर दिया गया है।
थाटीपुर में पेड़ गिरने की घटना
पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत थाटीपुर में सीवर लाइन डालने के लिए की गई खोदाई के बाद बुधवार को वर्षा के चलते एक बड़ा पेड़ धराशायी हो गया। थाटीपुर क्षेत्र में बनाए गए सरकारी आवासों के लिए नई सीवर लाइन डालने का काम पिछले एक सप्ताह से किया जा रहा है। इसके लिए रामकृष्ण विद्या मंदिर के ठीक सामने से सड़क को सीवर के पाइप बिछाने के लिए खोदा गया था। इसी दौरान पेड़ की जड़ों के पास से भी खोदाई की गई थी। लगातार दो दिन हुई वर्षा के कारण पेड़ की जड़ों के आसपास से मिट्टी बह गई और शाम के समय अचानक ही यह पेड़ धराशायी हो गया। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय मौके से गुजर रहीं तीन कारें भी पेड़ की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा, इस रोड पर ट्रैफिक पूरी तरह से बाधित हो गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद पार्क विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और पेड़ को हटाने की कार्रवाई की।

