बुलंद सोच, आष्टा।

आष्टा के सांदीपनि सीएम राइज स्कूल में सातवीं कक्षा के एक छात्र के साथ शिक्षक द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई। इस घटना के संबंध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष दीपक गोस्वामी और पूर्व प्रदेश सह सचिव अंशु ठाकुर ने प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने, जांच पूरी होने तक संबंधित शिक्षक को निलंबित करने और पीड़ित छात्र को समुचित चिकित्सीय व्यवस्था व अन्य सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, भविष्य में किसी भी विद्यार्थी के साथ ऐसी शारीरिक हिंसा न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाने और विद्यार्थियों को सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई।
घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी शिक्षक विजय अडगाले के विरुद्ध कोई जांच प्रारंभ नहीं की गई है। संगठन का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी शिक्षक को पूरी तरह से बचाने में लगे हुए हैं, जिससे स्कूल में शिक्षक की मौजूदगी के कारण विद्यार्थियों में भय का माहौल बना हुआ है। अधिकांश विद्यार्थी शिक्षक को देखकर डरे सहमे नजर आते हैं।
बताया जाता है कि शिक्षक ने माफीनामे के माध्यम से माफी मांगकर इतिश्री कर ली है। संगठन ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दिखावे की माफी है, जबकि जिस छात्र के शरीर पर चोटें हैं और जो आज भी दहशत में है, उसकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। शिक्षक को देखते ही विद्यार्थी आज भी दहशत में आ जाते हैं। शिक्षक विजय अडगाले ने मौखिक और लिखित माफीनामा लिखकर यह साबित कर दिया है कि उन्होंने विद्यार्थी के साथ मारपीट की है।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष दीपक गोस्वामी ने बताया कि जब उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाने की मांग की, तो उन्हें फुटेज नहीं दिखाए गए। इसके लिए कैमरे खराब होने की बात कही गई, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि या तो कैमरे खराब हैं या प्रबंधन शिक्षक के अपराध को बचा रहा है। गोस्वामी ने शासन से ऐसे बड़े स्कूलों में बंद पड़े कैमरों की जांच कराने और जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षक पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। दीपक गोस्वामी ने बीआरसीसी अजबसिंह राजपूत से बात की, जिन्होंने बताया कि जांच की जा रही है। पूर्व प्रदेश सह सचिव अंशु ठाकुर ने कहा कि शिक्षक की मौजूदगी में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है और पहले शिक्षक को उक्त स्कूल से हटाया जाना चाहिए। ठाकुर ने ज्ञापन में दिए गए जांच बिंदुओं के आधार पर जांच कर दोषी पाए जाने पर शिक्षक को निलंबित करने की मांग की।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी शीनू शर्मा से मोबाइल पर संपर्क करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नीलेश सक्सेना का कहना है कि शिकायत उनके संज्ञान में है और जांच कराई जाएगी।

