बुलंद सोच, भोपाल।

भोपाल के एमपी नगर थाना क्षेत्र में आठवीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा का शव उसके घर के पास स्थित एक बंद स्टोर रूम में फंदे पर लटका मिला।
मृत छात्रा के शरीर पर कलाई की नस कटने, घुटनों के छिलने और पैरों के नाखूनों में चोट के निशान पाए गए। स्टोर रूम से सटी बाथरूम में भी खून मिला, जिससे यह मामला और संदिग्ध हो गया है।
छात्रा पड़ोस के एक स्कूल में पढ़ती थी और अपने चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर की थी। गुरुवार सुबह करीब 10:45 बजे वह स्कूल के लिए घर से निकली थी। छुट्टी के बाद शाम पांच बजे तक घर न पहुंचने पर स्वजनों ने उसकी तलाश शुरू की और एमपी नगर थाने पहुंचे। स्वजनों के अनुसार, पुलिस ने जांच करने की बजाए पहले आसपास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से तलाश करने को कहा। देर रात तक छात्रा का पता न चलने पर गुमशुदगी दर्ज की गई।
शुक्रवार शाम करीब सात बजे छात्रा का शव उसके घर के पास स्थित स्टोर रूम में मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे का ताला खुलवाया तो छात्रा छत के कुंदे से फंदे पर लटकी मिली। कमरे में फंदे के पास एक कूलर रखा था। पुलिस का अनुमान है कि छात्रा ने कूलर पर चढ़कर फंदा लगाया होगा। शार्ट पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगना बताया गया है।
पुलिस को घटनास्थल के पास कूलर पर एक पन्ना मिला है, जिसमें अलग-अलग रंगों की स्याही से दो भाषाओं में लिखा गया है। अंग्रेजी में लिखे हिस्से में छात्रा की मौत की विस्तृत जांच की बात कही गई है, जबकि दूसरे रंग की स्याही से हिंदी में एक युवक का नाम और उससे दोस्ती का जिक्र मिला है।
पुलिस अब छात्रा के दोस्तों और सहपाठियों से पूछताछ कर इस युवक से उसके संबंधों की जानकारी जुटा रही है। एएसआई दिनेश खजूरिया ने बताया कि छात्रा के दोस्तों और सहपाठियों के बयान लिए जा रहे हैं और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
स्वजनों ने छात्रा की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें सुसाइड नोट की जानकारी तत्काल नहीं दी। इससे नाराज परिजनों ने शनिवार को एमपी नगर थाने का घेराव किया और मामले को दबाने का आरोप लगाया।
डीसीपी जोन-2 विकास शहवाल ने बताया कि शार्ट पीएम में छात्रा की मौत का कारण फांसी से होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मौत पर उठ रहे सवाल
छात्रा की मौत पर कई सवाल उठ रहे हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि यदि खुदकुशी करनी थी तो छात्रा ने पहले कलाई की नस क्यों काटी? बाथरूम में खून बहने के बाद वह कूलर पर चढ़कर फंदा लगाने की स्थिति में कैसे पहुंची? करीब दस फीट ऊंची छत पर पांच फीट लंबी छात्रा ने कूलर के सहारे फंदा कैसे लगाया? घुटनों और पैरों के नाखूनों पर चोट के निशान कैसे आए? दो अलग रंगों की स्याही में लिखे नोट की परिस्थितियों की जांच कैसे हुई? और स्वजनों को सुसाइड नोट की जानकारी तत्काल क्यों नहीं दी गई?

