बुलंद सोच, भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में 21 प्रमुख कार्यों की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि राजधानी में मंत्रालय सहित विंध्याचल और सतपुड़ा भवनों से लेकर जिला स्तर के कार्यालयों तक बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी इस बात पर नजर रखेंगे कि अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें और अपने कार्यों को समय पर पूर्ण करें, क्योंकि जनता से जुड़े सभी प्राथमिक कार्यों का समय पर निपटारा आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के माध्यम से आयोजित साप्ताहिक शिविरों और संवादों के पिछले तीन सप्ताह में अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि त्योहार या अन्य कारणों से शुक्रवार को जन विश्वास अभियान के तहत शिविर और संवाद का आयोजन संभव न हो, तो यह कार्यवाही अगले दिन यानी शनिवार को की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी को लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की निःशुल्क रजिस्ट्री के लिए अधिकार अभिलेखों के पंजीयन तथा जिला स्तर पर राजस्व और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा नर्मदा समग्र मिशन (नमन) की स्थापना और क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही को शीघ्र पूर्ण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने गुजरात के सूरत जल भंडारण मॉडल और कर्मभूमि से जन्मभूमि अभियान के समान प्रदेश में भी अभियान प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने नगरीय क्षेत्रों में पेयजल प्रदेश और सीवरेज के कार्यों के उचित प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निकायों की आदर्श कार्मिक संरचना में उपलब्ध पदों पर कार्यरत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के इच्छुक तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों का वन टाइम संविलियन किया जाए।
संस्कृति-पर्यटन विभाग को निर्देश
मुख्यमंत्री ने संस्कृति-पर्यटन विभाग को कामदगिरी परिक्रमा मार्ग के विकास, पर्यटन सुविधाओं के लिए 12.50 हेक्टेयर वन भूमि के चिन्हांकन, तथा सती अनसूइया मंदिर, मल्टी फैसिलिटी सेंटर और गुप्ता गोदावरी मंदिर परिसर के विकास के निर्देश दिए। ममलेश्वर मंदिर प्रांगण के विकास और भगवान श्रीराम वनगमन पथ परियोजना में 30 कार्यों के क्रियान्वयन को भी शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में पिछले तीन वर्षों में 15 स्थल जोड़े गए हैं, और अब छह अन्य सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ने की पहल की जा रही है। दतिया और ओरछा सहित 20 आध्यात्मिक और धार्मिक स्थलों का विकास भी प्रस्तावित है। पर्यटन अधोसंरचना विकास के लिए पर्यटन निगम के अतिरिक्त अन्य सक्षम एजेंसियों को उनके क्षेत्र के बाहर कार्य करने की छूट देने की कार्यवाही की जाएगी। भगवान श्रीकृष्ण पाथेय परियोजना के कार्यों तथा चित्रकूट, ओरछा और दतिया के धार्मिक स्थलों के विकास, श्री राम वन गमन पथ और श्री कृष्ण पाथेय से जुड़े कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन में टेंपल बॉन्ड के माध्यम से प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास किया जाएगा।
गृह विभाग को निर्देश
गृह विभाग को महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर विभिन्न मंदिरों में होमगार्ड के पदों का सृजन कर समिति के व्यय पर नियुक्तियां करने के निर्देश दिए गए। राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की क्षमता को दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार करने, वीआईपी ड्यूटी पर तैनात स्टाफ के लिए जोखिम भत्ता प्रदान करने और बैगा, भारिया, सहरिया समुदायों के लिए विशेष भर्ती प्रक्रिया अपनाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की संख्या 50 से बढ़ाकर 250 करने और मध्य प्रदेश राज्य द्रुतगति बल का गठन करने के लिए भी निर्देशित किया गया।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकार से सवाल किया है कि क्या नौकरी के बाद तीसरा बच्चा होने पर नियमों में बदलाव होगा।

