बुलंद सोच, शिवपुरी।

सिरसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर स्थित शिव मंदिर में भगवान की मूर्ति को झाड़ू मारने और गाली देने का एक वीडियो वायरल होने से जिले में तनाव फैल गया है। पुलिस ने आरोपित सोनू उर्फ मिठुआ जाटव निवासी कुंवरपुर के खिलाफ धार्मिक भावना आहत करने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
फरियादी रामकुमार पुत्र बृजवल्लभ शर्मा निवासी कुंवरपुर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 5 अगस्त 2026 की शाम करीब 7 बजे जब वह घर पर मोबाइल चला रहा था, तब उसे अपने गांव के सोनू उर्फ मिठुआ जाटव का एक वीडियो वायरल होता दिखा। इस वीडियो में सोनू शिव मंदिर में बैठकर भगवान शिव और माता पार्वती को गाली-गलौज कर रहा था और मूर्ति में झाड़ू मार रहा था। रामकुमार के अनुसार, इस घटना से उसकी और सकल हिंदू समाज की आस्था को ठेस पहुंची है। रिपोर्ट के आधार पर सिरसौद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ आपराधिक प्रकरण कायम कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
चक्काजाम और यातायात बाधित
आरोपित के जेल जाने के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। गुरुवार दोपहर कुछ युवकों ने शहर के पोहरी बस स्टैंड चौराहे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे पोहरी-शिवपुरी मार्ग पर एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री, बसों में बैठे लोग तथा राहगीर परेशान होते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चक्काजाम में शामिल कुछ युवक कथित तौर पर शराब के नशे में धुत थे और उन्होंने निकलने की कोशिश कर रहे राहगीरों से अभद्रता भी की।
पुलिस अधिकारियों की समझाइश
चक्काजाम की सूचना मिलते ही यातायात, कोतवाली, देहात थाने की पुलिस के साथ एसडीओपी सचिन कुमार धुर्वे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को समझाइश दी कि आरोपित पर एफआईआर हो चुकी है और उसे जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलनकारियों की जो भी मांगें हैं, उन्हें लिखित में दिया जाए, जिस पर विचार किया जाएगा। हालांकि, आंदोलनकारियों ने मौके पर कोई लिखित मांग पत्र नहीं सौंपा। पुलिस की समझाइश के बाद करीब एक घंटे बाद चक्काजाम खत्म हुआ और यातायात सुचारू हो सका।
मूर्ति पुनर्स्थापना की मांग
चक्काजाम का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय सनातन सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि कुंवरपुर में सोनू जाटव ने भोले बाबा मंदिर में प्रतिमा को झाड़ू मारी और गाली दी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है, लेकिन अब उनकी मांग है कि जो मूर्ति खंडित हुई है, प्रशासन उसकी पुनर्स्थापना करवाए। पुष्पेंद्र शर्मा ने तर्क दिया कि जब आंबेडकर जी की मूर्ति खंडित हुई थी, तब शासन-प्रशासन ने तीन घंटे में प्रतिमा को पुनर्स्थापित कर दिया था, वैसे ही उनके भगवान की मूर्ति भी आज ही स्थापित की जाए, चाहे तहसीलदार करवाएं या एसडीएम।
आंदोलनकारियों ने यह भी बताया कि आंबेडकर प्रतिमा खंडित होने पर भी कोई ज्ञापन देने नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि वे एसपी आफिस गए थे, लेकिन एसपी मैडम नहीं मिलीं, इसलिए प्रशासनिक अधिकारी को मौके पर बुलाने के लिए चक्काजाम किया गया था।
एसडीओपी सचिन कुमार धुर्वे ने इस मामले पर कहा कि कल भगवान के अपमान का एक वीडियो बहुप्रित हुआ था। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि अब इन लोगों की कुछ मांगें हैं, जिन्हें लेकर यह चक्काजाम किया जा रहा है। एसडीओपी ने कहा कि ये लोग अपनी मांग लिखकर देंगे तो उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों को भेज दिया जाएगा और फिलहाल चक्काजाम खुलवा दिया गया है।

