बुलंद सोच, भोपाल।

सुप्रीम कोर्ट में हुई हालिया सुनवाई के बाद भोपाल नगर निगम ने शहर के आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों और अन्य निर्माण संबंधी अनियमितताओं के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। नगर निगम सीमा की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ सर्वे कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नोडल दल गठित, तीन चरणों में जांच
इस अभियान के लिए नगर निगम द्वारा प्रत्येक विधानसभा के लिए अपर आयुक्त या उपायुक्त के नेतृत्व में नोडल दल गठित किए गए हैं। यह दल तीन प्रमुख बिंदुओं पर जांच करेगा। पहले चरण में ग्रीन बेल्ट और तालाब किनारे किए गए निर्माणों का परीक्षण किया जाएगा। दूसरे चरण में बिना स्वीकृत भवन अनुज्ञा या स्वीकृत नक्शे के विपरीत किए गए निर्माणों की जांच की जाएगी। तीसरे चरण में आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों का सर्वे होगा।
अभियान का समान रूप से क्रियान्वयन
यह अभियान पूरे नगर निगम क्षेत्र में समान रूप से चलाया जाएगा। पूर्व में केवल कुछ क्षेत्रों तक कार्रवाई सीमित होने की शिकायतें सामने आई थीं, जिन्हें अब दूर किया जाएगा। सर्वे को व्यवस्थित बनाने के लिए सड़कों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें 7.5 मीटर से कम चौड़ाई वाली सड़कें, 7.5 से 15 मीटर चौड़ाई वाली सड़कें और 15 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कें शामिल हैं।
संयुक्त सर्वे दल और नियमानुसार कार्रवाई
सभी विधानसभा क्षेत्रों में नोडल अधिकारियों के नेतृत्व में संयुक्त सर्वे दल गठित किए गए हैं। सर्वे के दौरान भवन अनुज्ञा उल्लंघन, अवैध निर्माण, ग्रीन बेल्ट एवं जलाशय क्षेत्र में अतिक्रमण तथा आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों की जांच की जाएगी। नगर निगम उपायुक्त भुवन गुप्ता ने बताया कि जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां नियमानुसार नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी।
शाहपुरा झील का सीमांकन और एनजीटी के निर्देश
इस बीच, भोपाल में बड़े तालाब के बाद अब शाहपुरा झील का सीमांकन किया जाएगा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए एक सप्ताह के भीतर मलबा हटाने के निर्देश दिए हैं।

