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2026-08-10

मध्य प्रदेश में युवाओं के लोन आवेदन खारिज होने की दर सर्वाधिक, PMEGP सब्सिडी में भी भारी गिरावट

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच,

दीनदयाल जन आजीविका योजना-शहरी (DJAY-S) के तहत 13 राज्यों के 25 चुनिंदा शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इस दौरान मध्य प्रदेश से 284 से अधिक युवाओं ने सीधे ऋण के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। इनमें गिग वर्कर, निर्माण श्रमिक, वाहन चालक और स्वच्छता कर्मी के रूप में कार्यरत युवा शामिल थे, जो अपना काम शुरू करना चाहते थे।

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मध्य प्रदेश के युवाओं ने अपने छोटे उद्यमों की स्थापना के लिए कुल ₹15.83 करोड़ (₹1,583.17 लाख) के ऋण की मांग की थी। बैंकों द्वारा केवल 27.4% आवेदनों (123 आवेदन) को मंजूरी मिली और वास्तव में केवल ₹84.1 लाख का वितरण किया गया, जो कुल मांगी गई राशि का 5.3% है। इसके विपरीत, 138 आवेदनों को सीधे खारिज कर दिया गया।

ऋण वितरण और युवाओं को प्रोत्साहन देने के मामले में मध्य प्रदेश की स्थिति निराशाजनक रही है। गुजरात ने ₹11.06 करोड़ की मांग के मुकाबले ₹1.31 करोड़ वितरित किए और 96 आवेदनों को ऋण प्रदान किया।

तमिलनाडु ने 100 आवेदनों को सफलतापूर्वक ₹61.79 लाख वितरित किए।

मध्य प्रदेश में आवेदनों को खारिज करने की दर (138 अस्वीकृत आवेदन) पूरे देश में सर्वाधिक है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में केवल 35 आवेदन खारिज हुए, जबकि मध्य प्रदेश में 138 युवाओं के आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में झटका

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना में भी मध्य प्रदेश को झटका लगा है। संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22 में मध्य प्रदेश को ₹209.58 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई थी, जो लगातार घटते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹84.29 करोड़ पर सिमट गई।

इसके विपरीत, महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्य में पिछले वर्ष सब्सिडी बढ़कर ₹142.31 करोड़ हो गई है।

दीनदयाल जन आजीविका योजना के प्रमुख लक्ष्य

योजना का पहला लक्ष्य हितग्राहियों को केंद्र और राज्य की योजनाओं से जोड़ना है। इसके तहत ऑनलाइन पंजीकृत आवेदकों की सोशल इकोनॉमिक प्रोफाइलिंग की जाएगी और उन्हें पात्रता के अनुसार केंद्र और राज्य की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इनमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, जनधन योजना, श्रम योगी मानधन योजना, वन नेशन वन कार्ड, जननी सुरक्षा योजना, मातृ वंदना योजना और आयुष्मान भारत योजना शामिल हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने लाड़ली बहना योजना के हितग्राहियों को बीमा का लाभ देने की घोषणा की है।

दूसरा लक्ष्य स्व सहायता समूहों का गठन करना है। शहरी गरीबों और कमजोर वर्ग के पंजीकृत श्रमिकों के 70% परिवारों को स्व सहायता समूहों से जोड़ने की योजना है। दीनदयाल अंत्योदय योजना से छूटे हुए परिवारों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। गठित स्व सहायता समूहों को ₹25,000 दिए जाएंगे, जबकि समूह के गठन पर ₹20,000 खर्च किए जा सकेंगे। ये समूह एरिया लेवल और सिटी लेवल पर पंजीकरण करा सकते हैं; एरिया लेवल फेडरेशन को ₹2 लाख और सिटी लेवल फेडरेशन को ₹1 लाख की सहायता दी जाएगी।

तीसरा लक्ष्य खुद का कारोबार करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसके तहत हितग्राहियों को व्यक्तिगत ऋण के रूप में ₹4 लाख और समूह ऋण के रूप में ₹20 लाख तक की सहायता देने की योजना है। स्व सहायता समूहों को बैंक लिंकेज सुविधा भी दी जाएगी, जिसमें बचत कोष से 1:6 के अनुपात में या ₹1.5 लाख, जो भी अधिक हो, उतना ऋण मिल सकता है।

चौथा लक्ष्य सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना है। एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में आश्रय स्थल, शहरी आजीविका केंद्र, केयर क्लस्टर और बच्चों के लिए डे केयर सेंटर बनाए जाएंगे। सभी नगर पालिका और नगर निगमों में आवश्यकतानुसार लेबर चौक का निर्माण किया जाएगा।

पांचवां लक्ष्य नवाचार और विशेष प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देना है। हितग्राहियों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए नवाचार के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। नगरीय निकाय और अन्य विभागों से समन्वय के लिए सुरक्षा योजना गारंटी केंद्र की स्थापना की जाएगी, जो सिंगल विंडो के रूप में कार्य करेगा। इस कार्य के लिए निकाय को एकमुश्त ₹5 लाख दिए जाएंगे।