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2026-08-06

तमिलनाडु बजट: वित्त मंत्री ने 2031 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा, शिक्षा और खेल पर जोर

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

तमिलनाडु के वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश किया। इस बजट में साल 2031 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विधानसभा में बजट भाषण देते हुए वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का राजनीति में आने का मकसद जनता के प्रति नैतिक जिम्मेदारी से जुड़ा है।

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वित्त मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना करते हुए पारदर्शी शासन और सिद्धांतों वाली राजनीति की नींव रखी है। उनके अनुसार, सरकार ने अपने शुरुआती वादों को पूरा करने के साथ-साथ सामाजिक समानता लाने की दिशा में उम्मीद से बेहतर काम किया है।

शिक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान

बजट का बड़ा हिस्सा राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रखा गया है। सरकार ने 3,734 सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

इसके अलावा, ‘सुपर क्लीन, सुपर कैंपस’ नाम की एक नई योजना शुरू की जाएगी। पहले चरण में यह योजना 10 हजार स्कूलों में लागू होगी, जिसके लिए 139 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

इस योजना का मकसद स्कूलों में 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना और शौचालय व पीने के पानी जैसी सुविधाओं की लगातार देखभाल करना है।

वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने केंद्र सरकार से 12वीं कक्षा की परीक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल दाखिले की पुरानी प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की मांग की।

वित्त मंत्री ने कॉलेज छात्रों के लिए ‘वेत्री लैपटॉप योजना’ की भी घोषणा की। इस योजना के तहत राज्य सरकार कॉलेज के छात्रों को लैपटॉप देगी, ताकि उनकी डिजिटल पढ़ाई और शैक्षणिक संसाधनों को बेहतर बनाया जा सके।

उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 44,527 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा विभाग के लिए 8,393 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

ग्रामीण और गरीब छात्रों के लिए सरकार ने ‘पेरुंथलैवर कामराज मॉडल स्कूल योजना’ के तहत आधुनिक आवासीय स्कूल बनाने की घोषणा की है। इसके लिए शुरुआती तौर पर 125 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इन स्कूलों में नौवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को मुफ्त शिक्षा, रहने की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।

विशेष व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मदुरै में एक विशेष लॉ कॉलेज बनाने और तमिलनाडु में पांच नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) खोलने की घोषणा की गई है। इस योजना पर करीब 90 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

वित्तीय स्थिति और अन्य प्रमुख घोषणाएं

राज्य की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में तमिलनाडु की वित्तीय देनदारियां दोगुनी हो गई हैं। इससे निपटने के लिए मौजूदा सरकार ने सरकारी ठेकों की प्रक्रिया में अधिक जवाबदेही वाला तरीका अपनाया है।

उन्होंने कहा कि अब सरकारी ठेके केवल कुछ चुनिंदा लोगों या राजनीतिक रूप से जुड़े समूहों को देने की पुरानी व्यवस्था को खत्म किया गया है।

सरकार शराब बनाने वाली फैक्टरियों पर एक विशेष शुल्क लगाने की योजना बना रही है, जिससे करीब 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है।

वित्त मंत्री ने प्रमुख सरकारी योजनाओं को जारी रखने की बात भी कही। इनमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष त्वरित कार्रवाई बल का संचालन शामिल है।

वित्त मंत्री एन मैरी विल्सन ने कहा कि राज्यभर में 10 ओलंपिक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए 5.50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को बनाने का मकसद ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना और अंतरराष्ट्रीय खेलों के क्षेत्र में तमिलनाडु को शीर्ष स्तर तक पहुंचाना है।

मैरी विल्सन ने बताया कि ‘भाइयों की उपहार योजना’ के तहत 812 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस योजना के तहत महिलाओं को उनकी शादी के अवसर पर 8 ग्राम सोने का सिक्का और एक रेशमी साड़ी दी जाएगी।

उन्होंने विधानसभा को भरोसा दिलाया कि चुनाव के दौरान किए गए सभी वादों को चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाएगा।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

तमिलनाडु के राज्य बजट को लेकर विधानसभा में विपक्ष के नेता और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) विधायक उदयनिधि स्टालिन ने सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक नीट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इन चिंताओं का जवाब नहीं दिया, इसके बजाय लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने सवाल किया कि अगर ऐसा है तो विपक्ष मुख्यमंत्री से जवाब की उम्मीद में विधानसभा में क्यों आए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने चुनावी वादों को पूरा करने के लिए समय मांगा था, लेकिन आज पेश किए गए बजट में भी उन्हें लागू करने को लेकर कोई रोडमैप या घोषणा नहीं की गई।

डीएमके नेता ने कहा कि डीएमके विधानसभा के पूरे सत्र में सरकार से सवाल करने के लिए तैयार है और हमें उम्मीद है कि सरकार उन सवालों का जवाब देगी।

उदयनिधि स्टालिन ने तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि टीवीके ने बदलाव लाने का वादा किया था, लेकिन उसने सिर्फ पुरानी योजनाओं के नाम बदलने का बदलाव किया है।