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2026-08-10

वाराणसी में पुलिस मुठभेड़: इरानी गैंग के दो चांदी लुटेरे घायल, पांच फरार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, वाराणसी।

तीन अगस्त की देर रात, वाराणसी के लंका क्षेत्र में बजबजा प्लांट के पास चौक पुलिस, एसओजी और लंका पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में गोली लगने से दो लुटेरे घायल हो गए। इन लुटेरों की पहचान इरानी गैंग के सदस्यों के रूप में हुई है।
गिरफ्तार लुटेरों में भोपाल के रायसेन हाल, ईरानी बस्ती, अमन कॉलोनी, करोंद थाना निशादपुरा (वर्तमान पता इदबारा पोस्ट कोतवाली पिपरिया, होशंगाबाद) निवासी मोहम्मद अली उर्फ शाबिर हसन, जिस पर 11 मुकदमे दर्ज हैं, और नर्मदापुरम जिले के पिपरिया थाना पंचमढ़ी रोड निवासी माशाअल्लाह, जिस पर 2 मुकदमे दर्ज हैं, शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वारदात में गिरोह के सात सदस्य शामिल थे।
पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों से 17 जुलाई को लूटी गई 27 किलोग्राम चांदी में से 4 किलोग्राम चांदी, 15020 रुपये नकद, दो असलहे और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। वारदात में इस्तेमाल की गई एक बलेनो कार भी जब्त की गई है।
पुलिस फरार पांच अन्य बदमाशों की तलाश में जुट गई है। गिरोह के सदस्यों की अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने के उद्देश्य से पुलिस ने संगठित होकर अपराध करने की धारा में एक नया मामला भी दर्ज किया है। एडीसीपी वैभव बांगर और एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को शाबाशी दी।

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डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका

पुलिस ने इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर लुटेरों की कुंडली का पता लगाया।
वारदात के बाद पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से एक बदमाश की तस्वीर मिली थी। इस तस्वीर को ICJS पर अपलोड करने के बाद बदमाशों के नाम, पते और मोबाइल नंबर प्राप्त हुए। इसके उपरांत, पुलिस रांची, दिल्ली, कोलकाता, कानपुर और जयपुर जैसे उन शहरों में गई, जहाँ गिरोह द्वारा अपराध किए गए थे, जिससे धीरे-धीरे तथ्य मिलते गए और अंततः दो बदमाश मुठभेड़ में पकड़े गए।

गिरोह की कार्यप्रणाली

यह गिरोह बड़े शहरों में वारदात को अंजाम देता है और फिर उस शहर को छोड़कर चला जाता है।
बनारस में 17 जुलाई को बदमाशों ने दिन के समय पहुँचकर सराफा बाजार के बारे में लोगों से बातचीत कर जानकारी जुटाई और चौक इलाके में पहुँचे। बदमाशों ने अपनी गाड़ी जेएचवी मॉल के पास खड़ी की। वारदात को अंजाम देने के बाद वे टेंपो से चौकाघाट पहुँचे, वहाँ से ई-रिक्शा कर जेएचवी मॉल पहुँचे, और फिर कार से फरार हो गए।
गिरोह आमतौर पर वारदात के लिए मसाला बाजार, लकड़ी बाजार और सराफा बाजार जैसे स्थानों का चुनाव करता है।
वारदात के बाद गिरोह के सदस्यों ने सात दिनों तक अपने मोबाइल बंद रखे। जब उन्होंने मोबाइल ऑन किए, तो नए-नए सिम कार्ड से बातचीत करना शुरू कर दिया, लेकिन मोबाइल पुराना ही रहा। इसी कारण सर्विलांस के जरिए पुलिस उन तक पहुँचने में सफल रही।

ICJS: एक परिचय

ICJS भारत सरकार का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े विभिन्न विवरणों को अपलोड करना है। इसमें सीसीटीएनएस (पुलिस), ई-कोर्ट, ई-प्रिजन और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं से संबंधित जानकारी शामिल होती है।
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एफआईआर से लेकर जाँच, अभियोजन, न्यायालय और जेल तक की पूरी आपराधिक न्याय प्रक्रिया के साथ-साथ अपराधियों की तस्वीरें भी उपलब्ध होती हैं। यह प्लेटफॉर्म देश भर में छिपे बदमाशों को ढूँढने में सहायता करता है।