बुलंद सोच,।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में उथल-पुथल का दौर जारी है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने पहले अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके बाद उन्होंने घोषणा की कि उनके भतीजे नहीं, बल्कि उनकी भतीजी दीपिका आनंद बसपा के मिशन को आगे बढ़ाएंगी। मायावती के इस बयान के बाद एक बार फिर बसपा के भविष्य को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
विशेष श्रृंखला: सियासी दलों का सफरनामा
इन घटनाक्रमों के बीच, बसपा के गठन, पार्टी में उत्तराधिकारी के निर्धारण, उसके शीर्ष पर पहुँचने, संकट में फँसने और चुनाव-दर-चुनाव प्रदर्शन जैसे सवालों के जवाब ‘सियासी दलों का सफरनामा’ नामक एक विशेष श्रृंखला में प्रस्तुत किए जाएंगे। इस श्रृंखला की पहली कड़ी में बहुजन समाज पार्टी के एक विचार से लेकर अस्तित्व में आने तक की कहानी को विस्तार से बताया जाएगा।

