बुलंद सोच, बमनाला।
शनिवार सुबह बमनाला में भगवान शिव की भक्ति का अनूठा उत्साह देखने को मिला, जब बमनाला से त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए डाक कांवड़ यात्रा रवाना हुई। इस यात्रा में 150 से अधिक कांवड़िए शामिल हुए हैं, जिन्होंने 400 किलोमीटर का सफर महज 36 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। यात्रा में 30 बाइक सहित कुल 40 वाहन भी शामिल हैं। यात्रा शुरू होते ही पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंज उठा। भगवा ध्वज और कांवड़ के साथ युवाओं का एक जत्था शिवभक्ति में दौड़ते हुए त्र्यंबकेश्वर की ओर रवाना हुआ। इस यात्रा को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। रास्ते में कांवड़ियों के स्वागत की भी विशेष तैयारियां की गई हैं।
यात्रा की परंपरा और महत्व
बमनाला से त्र्यंबकेश्वर तक डाक कांवड़ यात्रा पिछले लगभग 14 वर्षों से लगातार निकाली जा रही है। हरियाणा और बिहार की डाक कांवड़ यात्रा की तर्ज पर शुरू हुई यह यात्रा अब इस क्षेत्र की धार्मिक परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। यात्रा में शामिल कांवड़िए निर्धारित समय में त्र्यंबकेश्वर पहुंचकर ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करेंगे। डाक कांवड़ की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें कांवड़िए एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबी दूरी तय करते हैं। यात्रा के दौरान युवा अनुशासन के साथ आगे बढ़ेंगे। पूरे रास्ते यात्रा सुचारू रूप से चलती रहे, इसके लिए कांवड़ियों के साथ अलग-अलग वाहनों की व्यवस्था की गई है।
कांवड़ियों का स्वागत और संकल्प
बमनाला से रवाना होने के बाद कांवड़ियों का जत्था खरगोन शहर भी पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं द्वारा उनका स्वागत किया गया। हरनामदासजी महाराज के अनुयायी और डाक कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु इससे पहले तीन ज्योतिर्लिंगों की यात्रा कर चुके हैं। इस बार कांवड़िए त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और जलाभिषेक का संकल्प लेकर निकले हैं। युवाओं का कहना है कि लंबा सफर और समय की चुनौती के बावजूद, भगवान शिव की भक्ति ही उन्हें लगातार आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करेगी।

