बुलंद सोच, भिंड।

भिंड के रौन थाना क्षेत्र के मछंड में वर्ष 2023 में हुए 6 वर्षीय एकांश उर्फ गुल्लू त्रिपाठी हत्याकांड के मुख्य दोषी उदित उर्फ गुंडा चौरसिया को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश भिंड के न्यायालय ने दोषी उदित पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस मामले में आरोपी की मां अनीता को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई है। वहीं, आरोपी के पिता संतोष को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
अपहरण और हत्या की घटना
यह घटना 19 अप्रैल 2023 को हुई थी। मछंड निवासी सुशील त्रिपाठी का 6 वर्षीय बेटा एकांश उर्फ गुल्लू शाम को पड़ोस में ट्यूशन पढ़ने गया था। ट्यूशन के बाद अन्य बच्चे घर लौट गए, लेकिन गुल्लू घर नहीं पहुंचा। उसकी मां अनामिका ने साथ पढ़ने वाले बच्चों से पूछताछ की, जिससे पता चला कि गुल्लू आरोपी उदित के साथ था। गुल्लू के स्वजन आरोपी के घर पहुंचे तो उसने घर में ताला लगा दिया। तलाश के दौरान आरोपी के घर की दूसरी मंजिल पर रखे कूलर के अंदर गुल्लू मृत अवस्था में मिला। उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे और मुंह कपड़े से बांधा गया था। स्वजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
साजिश का खुलासा और जांच
पुलिस जांच में सामने आया था कि उदित आईपीएल में सट्टा खेलने का आदी था और बड़ी रकम हार चुका था। हारी हुई रकम की भरपाई के लिए उसने गुल्लू के अपहरण की साजिश रची थी। गुल्लू परिवार का इकलौता बच्चा था, इसलिए आरोपी को उम्मीद थी कि उसे बंधक बनाकर स्वजन से बड़ी रकम फिरौती में वसूली जा सकती है। बच्चे का मुंह बांधने से दम घुट गया और उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने शव कूलर में छिपा दिया था। पुलिस ने जांच के बाद उदित, उसकी मां अनीता और पिता संतोष के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया था। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक अवधेश चौधरी ने पैरवी की।

