बुलंद सोच, भोपाल।
भोपाल के चौथे रेलवे स्टेशन निशातपुरा की शुरुआत 28 जुलाई से होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 5 बजे मालवा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। इस स्टेशन पर मालवा एक्सप्रेस के अलावा सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का भी ठहराव रहेगा।
सोमवार को मंत्री विश्वास सारंग ने तैयारियों का जायजा लिया। इंदौर की तरफ जाने वाली ट्रेनें निशातपुरा से शुरू होंगी, जिसके बाद यह स्टेशन भी पूरी तरह से चालू हो जाएगा। वर्तमान में भोपाल, रानी कमलापति और संत हिरदाराम (बैरागढ़) रेलवे स्टेशन कार्यरत हैं।
स्टेशन का निर्माण और विशेषताएं
मंत्री सारंग ने बताया कि निशातपुरा स्टेशन नरेला विधानसभा क्षेत्र में बना है। यहां पर कई फ्लाईओवर हैं और एक और फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है। भोपाल स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर-1 द्वारका नगर से शुरू होकर निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर लैंड होगा। यह लगभग 6 रेलवे ट्रैक से गुजरने वाला देश का पहला आरओबी होगा।
निशातपुरा रेलवे स्टेशन लगभग तीन साल पहले बनकर तैयार हुआ था। जून 2023 में बनकर तैयार होने के बावजूद, सभी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद करीब तीन वर्षों तक यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका था। अब इस स्टेशन को यात्रियों के लिए खोला जा रहा है।

ट्रेनों के ठहराव पर रेलवे का स्पष्टीकरण
भोपाल रेल मंडल के अनुसार, प्रारंभिक चरण में मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का नियमित ठहराव निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रहेगा। पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल के यात्रियों को राहत देते हुए अपने पहले जारी किए गए आदेश में आंशिक बदलाव किया है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का ठहराव भोपाल जंक्शन और निशातपुरा, दोनों स्टेशनों पर रहेगा। इससे पहले रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया था कि ये ट्रेनें भोपाल स्टेशन को बायपास करते हुए केवल निशातपुरा स्टेशन पर ही रुकेंगी, जिससे यात्रियों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई थी।
यात्रियों की चिंताएं
यात्रियों का कहना है कि निशातपुरा स्टेशन तक पहुंचने वाला अप्रोच रोड पहले से ही ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझता है। स्टेशन पहुंचने के लिए नादरा बस स्टैंड, छोला रोड और अन्य भारी यातायात वाले इलाकों से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में ट्रैफिक के कारण समय पर ट्रेन पकड़ना चुनौती बन सकता है। इसके अलावा भोपाल रेलवे स्टेशन की तुलना में निशातपुरा तक पहुंचने के लिए ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन का किराया भी अधिक देना पड़ सकता है।
रेलवे को लाभ और यात्री सुविधा
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निशातपुरा स्टेशन शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को सुविधा मिलेगी और मुख्य भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का दबाव भी कम होगा। भोपाल रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी नवल अग्रवाल के अनुसार, स्टेशन पूरी तरह तैयार है और सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद अब इसे नियमित संचालन के लिए खोला जा रहा है।
निशातपुरा स्टेशन शुरू होने पर भोपाल रेलवे स्टेशन का भार कम होगा ही, साथ ही कुछ नई ट्रेनें भी शुरू हो सकती हैं। स्टेशन के शुरू होने के बाद सुबह-शाम के वक्त मालवा एक्सप्रेस सहित कुछ गाड़ियों की आवाजाही आसान हो सकेगी। भोपाल स्टेशन पर रोजाना करीब 230 ट्रेनें अप-डाउन में गुजरती हैं और यहां 45 हजार यात्री रोजाना गुजरते हैं।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कुछ ट्रेनें निशातपुरा से होकर इंदौर-उज्जैन के अलावा बीना-गुना के लिए चलती हैं। इनका ठहराव भोपाल होने के कारण इन्हें भोपाल लाना पड़ता है। यहां इंजन बदले जाते हैं, जिसमें 45 मिनट तक लगते हैं। तब तक इंजनों के मूवमेंट से लूप लाइनें और मेन लाइनें व्यस्त हो जाती हैं, जिससे दूसरी ट्रेनें प्रभावित होती हैं।
स्टेशन की श्रेणी और उन्नयन
भोपाल में निशातपुरा स्टेशन को एनएसजी-3 कैटेगरी में रखा गया है। इसके चलते पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, निशातपुरा स्टेशन को 2017 से पहले सी कैटेगरी में रखा गया था। स्टेशनों के वर्गीकरण के मानदंडों को नवंबर 2017 से संशोधित किया गया है। नए वर्गीकरण के अनुसार, स्टेशनों के वर्गीकरण के लिए वहां आने वाले यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखा गया है। स्टेशनों को तीन समूहों में बांटा गया है, गैर-उपनगरीय (एनएसजी), उपनगरीय (एसजी), और हाल्ट (एचजी)। इसके अलावा इन समूहों को क्रमशः 1-6, 1-3 और 1-3 ग्रेड में रखा गया है।


