बुलंद सोच, भोपाल।
राजधानी भोपाल में पेट्रोल की गुणवत्ता और नाप-तौल में हो रही धांधली के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा चलाए जा रहे जांच अभियान के दौरान शहर के पेट्रोल पंपों पर कई कमियां पाई गईं।
आरके पेट्रोल पंप पर पानी और कम माप
पीएंडटी चौराहा स्थित एचपी (HP) के ‘आरके पेट्रोल पंप’ के डीजल टैंक में लगभग 116 लीटर पानी मिला। इसके बाद मौके पर ही डीजल की बिक्री रोक दी गई। खाद्य विभाग ने तुरंत प्रभाव से डीजल की आपूर्ति बंद करवाई। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि जब तक टैंक से पूरा पानी निकालकर गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई जाती, तब तक डीजल की बिक्री पर रोक रहेगी। नाप-तौल की जांच करने पर पेट्रोल के एक नोजल से हर 5 लीटर पर 50 मिलीलीटर कम पेट्रोल बेचा जा रहा था। इस नोजल को भी तत्काल सील कर दिया गया।
योअर्स सर्विस स्टेशन पर अतिरिक्त यूनिटें
कमला पार्क से पॉलीटेक्निक चौराहे के बीच स्थित एचपी के ‘योअर्स सर्विस स्टेशन’ की जांच की गई। यहां पेट्रोल की गुणवत्ता और माप सही पाई गई, लेकिन क्षमता से अधिक 2 अतिरिक्त यूनिटें संचालित हो रही थीं। विभाग ने पंप संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी क्वार्टर में अवैध गैस रिफिलिंग का भंडाफोड़
खाटू श्याम मंदिर के पास स्थित एक जर्जर सरकारी क्वार्टर पर खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा। यहां बड़े पैमाने पर अवैध एलपीजी (LPG) गैस रिफिलिंग की जा रही थी। टीम के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी कर्मचारी वाहन लेकर मौके से फरार हो गए। मौके पर बिजली से चलने वाली रिफिलिंग मोटर चालू हालत में पाई गई। पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने मौके से 2 गैस सिलिंडर और रिफिलिंग उपकरण जब्त किए हैं। फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
जांच अभियान जारी रहेगा: अधिकारी
भोपाल जिला आपूर्ति अधिकारी, चंद्रभान सिंह जादौन ने इस मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले भर के लगभग 200 पेट्रोल पंपों और अवैध गैस रिफिलिंग सेंटरों के खिलाफ यह जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता या उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी मिलने पर सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

