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2026-08-02

बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों का भोपाल में धरना, संविदा दर्जे और ₹50 लाख बीमा की मांग

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मप्र विद्युत कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आउटसोर्स कर्मचारियों की लंबित मांगों पर समय देने का आग्रह किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवनारायण राजपूत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी भोपाल पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। रविवार को प्रदेशभर से हजारों की संख्या में कर्मचारी भोपाल के आंबेडकर मैदान में धरना देने पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।

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आश्वासनों के बावजूद मांगों का निराकरण नहीं

पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर अपर मुख्य ऊर्जा सचिव और ऊर्जा मंत्री के साथ बैठकें हुई थीं। इन दोनों बैठकों में आश्वासन मिलने के बावजूद मांगों का निराकरण नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है।

संविदा दर्जा और सेवा सुरक्षा नीति की मांग

संगठन ने मांग की है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा कर्मचारी का दर्जा देकर समान सुविधाएं प्रदान की जाएं अथवा हरियाणा की तर्ज पर आउटसोर्स सेवा सुरक्षा नीति लागू की जाए। इसके अतिरिक्त, परीक्षा के माध्यम से नियमितीकरण, अनुभव के आधार पर बोनस अंक और जोखिम भत्ता तीन हजार रुपये करने की मांग भी की गई है।

बीमा, आश्रित को नौकरी और अतिरिक्त पारिश्रमिक

ज्ञापन में कंप्यूटर ऑपरेटरों को उच्च कुशल श्रेणी में शामिल करने की मांग की गई है। विद्युत दुर्घटना में मृत्यु होने पर पचास लाख रुपये और अन्य परिस्थितियों में कम से कम बीस लाख रुपये की बीमा सहायता प्रदान करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, आश्रित को नौकरी, राष्ट्रीय त्योहारों एवं रात्रिकालीन ड्यूटी का अतिरिक्त पारिश्रमिक, दुर्घटना में घायल होने पर तत्काल आर्थिक सहायता और पूरे प्रदेश में शत-प्रतिशत ईएसआईसी लागू करने की मांग भी इसमें शामिल है।

बोनस, वेतन पुनरीक्षण और वेतन वृद्धि की मांग

संगठन ने बोनस को बीस प्रतिशत करने, लंबित वेतन पुनरीक्षण लागू करने, छब्बीस दिन के स्थान पर तीस दिन का वेतन भुगतान तथा अनुभव के आधार पर वरिष्ठता और वेतन वृद्धि देने की मांग की है।

मुख्यमंत्री से शीघ्र निर्णय का आग्रह

संगठन ने मुख्यमंत्री से शीघ्र बैठक कर इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।