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2026-10-17

ग्वालियर में झमाझम वर्षा से नदियां और बांध लबालब, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्वालियर।

ग्वालियर शहर से लेकर गांवों तक रविवार को झमाझम वर्षा हुई। पूरे प्रदेश में बीते 24 घंटे में घाटीगांव में सर्वाधिक 81.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। पिछले तीन दिनों से हो रही वर्षा के कारण जिले की नदियां उफान पर हैं और बांध लबालब भर गए हैं। पही और ककेटा बांध पूरी तरह भर चुके हैं, वहीं तिघरा बांध भी पूर्ण क्षमता तक भर गया है।

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प्रशासन का अलर्ट और जलजमाव

प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे गांवों के लिए अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट बांधों से पानी छोड़े जाने की संभावना को देखते हुए जारी किया गया है। शनिवार रात और रविवार को हुई वर्षा से शहर की लगभग सभी सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई। शहर की कई बस्तियों में पानी भर जाने से हालात अधिक खराब थे। तीन दिन से हो रही वर्षा से अंचल की पार्वती और महुअर नदियां उफान पर हैं। पार्वती नदी पर बना ककेटा बांध और महुअर नदी पर बना पही बांध पूरी तरह भर गया है। हालांकि, इन बांधों का पानी वेस्टवीयर से निकाला जा रहा है। इसके बावजूद, प्रशासन ने इन बांधों के गेट खुलने की संभावना को देखते हुए दोनों नदियों के किनारे बसे गांवों को अलर्ट किया है।

जल संकट का समाधान

पिछले तीन दिनों से हो रही वर्षा के कारण तिघरा डैम रविवार को पूरी तरह भर गया। इससे शहर पर मंडरा रहा जलसंकट भी हल हो गया है, क्योंकि पिछले दिनों वर्षा न होने से इसके खाली रहने के कारण जल संकट का खतरा उत्पन्न हो गया था।

मौसम प्रणाली और आगामी पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, ग्वालियर-चंबल के ऊपर बना निम्न दाब का क्षेत्र अब दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश यानी आगरा के ऊपर पहुंच गया है। ऐसे में अंचल में भारी वर्षा की संभावना नहीं है, बल्कि आगामी चार दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के ऊपर निम्न दाब का क्षेत्र बना हुआ था, जिसकी वजह से ग्वालियर सहित जिले के सभी क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा हुई। अब निम्न दाब का क्षेत्र अंचल के ऊपर से खिसककर आगरा पहुंच गया है, जिससे अंचल में मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे कम होगी। आगामी चार दिनों तक अंचल में कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज वर्षा हो सकती है। बेशक निम्न दाब का क्षेत्र अब अंचल के ऊपर नहीं है और उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ गया है, लेकिन मानसूनी ट्रफ लाइन अभी भी अंचल से गुजर रही है। इसके प्रभाव से अंचल में आगामी दिनों में कुछ-कुछ क्षेत्रों में मध्यम से तेज वर्षा होती रहेगी। इसका अर्थ है कि वर्षा का दौर धीमा हो सकता है, लेकिन आगामी चार दिनों तक यह थमेगा नहीं।

तापमान और मौसम पर असर

पिछले तीन दिन से हो रही वर्षा से अंचल का दिन का तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम होकर 28.3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। सामान्य तौर पर इन दिनों तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहता है। ऐसे में अंचल से उमस सहित गर्मी पूरी तरह से गायब हो गई है और मौसम सुहाना हो गया है।

*तापमान की स्थिति:*
* अधिकतम तापमान: 28.3 डिग्री सेल्सियस
* न्यूनतम तापमान: 25.0 डिग्री सेल्सियस
* सुबह 05:30 बजे: 25.6 डिग्री सेल्सियस
* सुबह 08:30 बजे: 25.2 डिग्री सेल्सियस
* सुबह 11:30 बजे: 26.0 डिग्री सेल्सियस
* दोपहर 02:30 बजे: 26.8 डिग्री सेल्सियस
* शाम 05:30 बजे: 27.4 डिग्री सेल्सियस

फसलों को लाभ

इस वर्षा से अंचल की खरीफ फसलों जैसे धान, बाजरा, ज्वार आदि को भी लाभ हुआ है। साथ ही, अब इन फसलों को आगामी समय में अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होगी। इस वर्षा से आगामी रबी की फसल की बुवाई भी अच्छे से हो जाएगी, क्योंकि वर्षा की वजह से जमीन में नमी बनी रहेगी और अंचल का तापमान भी सामान्य बना रहेगा।

जिले में कुल वर्षा की स्थिति

अभी तक जिले में कुल 699.4 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जबकि इन्हीं दिनों तक सामान्य वर्षा 625.4 मिमी होती है। यानी, 74 मिमी अधिक वर्षा हुई है और अभी तक 12 प्रतिशत वर्षा अधिक हो चुकी है। ऐसे में आगामी दिनों में जिले का औसत 751.2 मिमी वर्षा का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। हालांकि, शहर में अभी तक 632.2 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सितंबर के कोटे से अभी भी 44 मिमी कम है।