बुलंद सोच, इंदौर।
भारतीय भू-तकनीकी सोसायटी के इंदौर चैप्टर और आईआईटी इंदौर के संयुक्त आतिथ्य में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य फील्ड इंस्ट्रूमेंटेशन, मॉनिटरिंग तकनीकों, डाटा विश्लेषण और भू-तकनीकी एवं भू-पर्यावरणीय अभियांत्रिकी में उनके अनुप्रयोगों पर चर्चा करना है। यह संगोष्ठी 6 से 10 अगस्त तक रेडिसन ब्लू होटल में “इंटरनेशनल सिम्पोजियम ऑन फील्ड मानिटरिंग इन जियोमैकेनिक्स” विषय पर आयोजित होगी। इस वर्ष संगोष्ठी की थीम “एडवांसेस इन फिल्ड मॉनीटरिंग फार जियोमैकेनिक्स” रखी गई है। संगोष्ठी में 32 देशों के कुल 314 प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन के अंतर्गत इंजीनियरिंग जियोलॉजी और भू-तकनीकी अभियांत्रिकी के अग्रणी विशेषज्ञ के सम्मान में प्रतिष्ठित द्वितीय डनिक्लिफ व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विश्वविख्यात विशेषज्ञों द्वारा छह मुख्य व्याख्यान दिए जाएंगे। सम्मेलन में 10 विशिष्ट तकनीकी सत्रों के अंतर्गत 120 से अधिक समीक्षित शोध-पत्रों की प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही, उन्नत मानिटरिंग प्रणालियों, फील्ड इंस्ट्रूमेंटेशन, सेंसर प्रौद्योगिकी, डाटा विश्लेषण और उभरती मानिटरिंग पद्धतियों पर आधारित चार विशेष कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान 7 अगस्त को भारतीय शास्त्रीय एवं लोक संस्कृति पर आधारित एक सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी।
दस्तक अभियान में लापरवाही, 20 एएनएम को नोटिस
इंदौर जिले में 14 जुलाई से 31 अगस्त तक बाल व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए दस्तक अभियान चलाया गया था। यह अभियान नवजात से पांच वर्ष तक के बच्चों की बीमारियों को रोकने व उचित उपचार के लिए चलाया गया। इस अभियान के दौरान लापरवाही बरतने पर सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी ने 20 एएनएम को नोटिस जारी किया। जांच में पाया गया कि इन एएनएम ने डीएसएस टूल के माध्यम से निर्धारित क्षेत्र में बीमार बच्चों को चिन्हांकित करने के बजाय फर्जी एंट्री की थी। इस पर विभाग द्वारा 20 एएनएम का तीन दिन का वेतन काटने का नोटिस दिया गया है।
नई तकनीक अपनाने में मध्य प्रदेश अग्रणी
नई तकनीक अपनाने में मध्य प्रदेश हमेशा नंबर वन रहा है। दूसरे प्रदेशों से लोग यहां सीखने आते हैं।

