BREAKING NEWS
2026-08-07

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सांदीपनि विद्यालय का दौरा किया, 750 नए मॉडल स्कूल खोलने का लक्ष्य

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के टीटी नगर स्थित सांदीपनि विद्यालय का दौरा किया, जहाँ उन्होंने एक दिन के लिए शिक्षक की भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कक्षा में ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े होकर बच्चों को पढ़ाया, उनसे सवाल पूछे और उनकी पढ़ाई तथा भविष्य के सपनों पर खुलकर बातचीत की। कक्षा के बाद, मुख्यमंत्री बच्चों के साथ स्कूल की अत्याधुनिक रोबोटिक्स लैब में पहुँचे, जहाँ उन्होंने छात्रों के साथ मिलकर अलग-अलग टेक्नोलॉजी मॉडल्स और गतिविधियों पर काम किया। इसके उपरांत, मुख्यमंत्री ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी लैब का अवलोकन किया। केमिस्ट्री लैब में बच्चों ने खुद मुख्यमंत्री के सामने प्रैक्टिकल करके दिखाए, जिसे देखकर उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की खुलकर तारीफ की। उन्होंने करीब से देखा कि सरकारी स्कूल के बच्चे किस तरह प्रैक्टिकल लर्निंग के जरिए कठिन विषयों को आसानी से समझ रहे हैं।

शिक्षा व्यवस्था का विजन और विस्तार लक्ष्य

इस दौरान शिक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार के विजन पर भी बात हुई। मध्यप्रदेश में फिलहाल 368 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें लाखों बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 750 विद्यालयों तक ले जाने का है, ताकि हर इलाके के बच्चे को आधुनिक शिक्षा मिल सके।

Advertisement

एआई टूल्स पर मुख्यमंत्री की सीख

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रेरणादायक सीख देते हुए कहा कि चैट-जीपीटी हो या ग्रोक्स, एआई टूल्स का उपयोग ज़रूर करें, लेकिन ये अंतिम सत्य नहीं हैं। उन्होंने सलाह दी कि टेक्नोलॉजी की मदद लेते समय अपना दिमाग भी लगाएँ और आंकड़ों को क्रॉस चेक ज़रूर करें। मुख्यमंत्री ने न केवल छात्राओं के हर सवाल का बड़ी आत्मीयता से जवाब दिया, बल्कि प्रदेशभर से आए शिक्षकों से बातचीत कर शिक्षा प्रणाली को और अधिक व्यावहारिक बनाने का विजन भी साझा किया। संवाद के दौरान जब छात्रा प्रिंसी वर्मा ने मुख्यमंत्री से चैट-जीपीटी के इस्तेमाल पर सवाल पूछा, तो उन्होंने बताया कि वे कार्यक्रमों के नए विषयों और वर्तमान परिदृश्य को समझने के लिए इसका उपयोग करते हैं। वहीं, छात्रा लारा खत्री के इंस्टाग्राम से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में राजनेताओं को भी समय के साथ चलना पड़ता है, और वे इंस्टाग्राम का उपयोग करते हैं तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फॉलो करते हैं।

उच्च शिक्षा और समय प्रबंधन

अपनी उच्च शिक्षा और खेल विधाओं में संतुलन पर छात्रा अयोध्या के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में समय का प्रबंधन सबसे ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि वे मुख्यमंत्री आवास में रहते हुए भी रोज़ाना स्वाध्याय करते हैं, डायरी लिखते हैं और अगले दिन के कामों की सूची बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब वे उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने राजनीतिशास्त्र में एमए और फिर पीएचडी की, और बाद में पर्यटन निगम के चेयरमैन रहते हुए एमबीए भी किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई सिर्फ डिग्री के लिए नहीं, बल्कि मन की जिज्ञासा को शांत करने के लिए होनी चाहिए।

शिक्षकों से संवाद और सांदीपनि विद्यालयों का भविष्य

छात्राओं के बाद, मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए शिक्षकों से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली शिक्षान्मुखी होने के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी भी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से छात्रों को उन्नत खेती करने, राजनीति में आने, सैनिक बनने या अपना व्यवसाय शुरू कर दूसरों को रोजगार देने के लिए प्रेरित करने को कहा। सांदीपनि विद्यालयों के शानदार नतीजों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती मांग को देखते हुए इन विद्यालयों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर संचालित करने पर विचार किया जा सकता है।

राष्ट्रप्रेम और विकसित भारत का संकल्प

अंत में, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए छात्राओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का भारत है, और जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तब इतिहास पूछेगा कि भारत को विकसित बनाने में उनका क्या योगदान रहा।