बुलंद सोच, इंदौर।
पुलिस ने रिफाइनरी पाइपलाइन में सेंध लगाकर तेल चोरी करने के चर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत मध्य प्रदेश के देवास निवासी आरोपी अशोक जैन की करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क की गई है। यह कार्रवाई गैंग्स्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार, यह संपत्ति कथित रूप से अवैध गतिविधियों से अर्जित धन से बनाई गई थी।
तीन साल पुराना तेल चोरी मामला
यह कार्रवाई तीन साल पुराने तेल चोरी मामले से संबंधित है। करीब तीन वर्ष पहले फरह क्षेत्र के सेरसा गांव के पास रिफाइनरी पाइपलाइन में सेंध लगाकर बड़े पैमाने पर तेल चोरी की गई थी। जांच के दौरान इस मामले का खुलासा हुआ और पुलिस ने गिरोह के 11 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। गिरफ्तारी के समय आरोपितों ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की थी।
कुर्क की गई संपत्तियां
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अशोक जैन ने कथित अवैध कमाई से मध्य प्रदेश में कई संपत्तियां खरीदी थीं। इन संपत्तियों में इंदौर स्थित एक पेट्रोल पंप, देवास जिले में तीन कृषि भूमि और दो प्लॉट शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी है और इन्हें कुर्क करने की कार्रवाई पूरी कर ली है। फरह थाना प्रभारी छोटे लाल ने बताया कि मध्य प्रदेश में स्थित अशोक जैन की संपत्तियों को विधिक प्रक्रिया के तहत सीज कर दिया गया है।
अन्य आरोपितों की संपत्तियों की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गिरोह के अन्य सदस्यों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियां मिलने की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ भी गैंग्स्टर एक्ट के तहत कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की अवैध संपत्तियों का भी पता लगाया जा रहा है।

