बुलंद सोच।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने एमवाय अस्पताल के बर्खास्त फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में बुधवार को छापा मारा। EOW की टीम सुबह 6 बजे राकेश गोरखे के वृंदावन गार्डन, स्कीम नंबर-140 स्थित घर पहुंची थी। दरवाजा राकेश गोरखे ने ही खोला। EOW लिखी जैकेट पहने टीम को देखकर वह समझ नहीं पाए कि इतने लोग क्यों आए हैं। उन्हें बताया गया कि आय से अधिक संपत्ति के आरोप में सर्च वारंट है। राकेश गोरखे ने वारंट लिया और पूरा पढ़ा। उन्होंने टीम के सदस्यों से कहा कि आपको बहुत गलत जानकारी है। मैं तो सीधी-सादी नौकरी करता हूं। मेरे पास कुछ भी अवैध नहीं है। इसके बाद टीम ने घर में जांच शुरू की।
करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
डीएसपी प्रीतम सिंह के अनुसार, राकेश गोरखे की कुल वैध आय 1 करोड़ 11 लाख 31 हजार 383 रुपए रही। इसी अवधि में उसने बाजार भाव से 8 से 10 करोड़ रुपए की संपत्ति खरीदी। गोरखे पर आरोप है कि उसने सरकारी दवाओं के स्टॉक में भ्रष्टाचार कर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की। शहर की लक्जरी टाउनशिप में, जहां रईसों ने निवेश कर रखा है, वहां भी गोरखे के प्लॉट मिले। पूरी कार्रवाई EOW एसपी रामेश्वर सिंह के निर्देशन में की गई।
राकेश गोरखे का सेवा विवरण
राकेश गोरखे की नियुक्ति वर्ष 2007 में हुई थी। वर्ष 2015 में उनका मासिक वेतन 18,711 रुपए था। वर्ष 2025 में यह 54,664 रुपए हो गया। उनकी पत्नी कीर्ति वर्ष 2010 से शासकीय दंत चिकित्सालय में लाइब्रेरियन हैं। उनका वर्तमान वेतन 42,402 रुपए प्रतिमाह है। राकेश गोरखे चिकित्सा शिक्षा विभाग में फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के पद पर नियुक्त थे और उनके पास कॉलेज के स्टोर का अतिरिक्त प्रभार भी था।
नकदी और आभूषण की बरामदगी
सूत्रों के अनुसार, गोरखे ने एक प्लॉट का आधा हिस्सा 4-5 करोड़ रुपए में नकदी में बेचा था। छापे में उनके घर में केवल 1 लाख 51 हजार रुपए नकद मिले हैं। गोरखे के जानने वालों का कहना है कि उन्हें कार्रवाई की भनक लग गई थी। टीम ने उनके घर में चार से पांच घंटे तक तलाशी ली, लेकिन उतनी नकदी और ज्वेलरी नहीं मिली।
थाईलैंड यात्रा और अन्य अनियमितताएं
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने खरीदी गई कई संपत्तियों की जानकारी नियमानुसार अपने विभाग को नहीं दी। पासपोर्ट की जांच में अक्टूबर 2023 की थाईलैंड यात्रा का भी पता चला है। EOW का कहना है कि इस यात्रा के लिए विभागीय अनुमति नहीं ली गई थी। यात्रा पर हुए खर्च को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
बर्खास्तगी का कारण
27 जून 2025 को डीन कार्यालय में ई-मेल को लेकर राकेश गोरखे और तत्कालीन डीन के पीए (रीडर) भावेश उपाध्याय के बीच मारपीट हो गई थी। इस मामले में शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर राकेश गोरखे को 29 अप्रैल 2026 को बर्खास्त कर दिया गया था।
आगे की जांच
गुरुवार को राकेश गोरखे के बैंक खातों की भी जांच की जाएगी। गोरखे के करीबी रिश्तेदारों और साथियों पर भी नजर रखी जा रही है। छापे की कार्रवाई और वित्तीय जांच अभी जारी है।
चैक पीरियड की परिभाषा
जांच एजेंसियां (CBI, EOW या पुलिस) किसी खास तारीख से दूसरी तारीख तक व्यक्ति की कुल कमाई और खर्च या निवेश का पूरा हिसाब लगाती हैं। इस अवधि को चैक पीरियड कहते हैं। यदि इस तय अवधि में खर्च और बनाई गई संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई जाती है, तो उसे अवैध या अनुपातहीन संपत्ति माना जाता है।

