बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर में अब दिल्ली की तर्ज पर खतरनाक तरीके से वाहन चलाकर यातायात बाधित करने और जान जोखिम में डालने वाले चालकों पर सीधी एफआईआर की कार्रवाई शुरू हो गई है।
केस दर्ज होने के बाद वाहन चालकों को कोर्ट से जमानत करानी होगी, वहीं न्यूनतम छह महीने के लिए लाइसेंस निलंबित होगा और आर्थिक दंड भी भरना पड़ेगा। गंभीर धाराएं लगने पर जेल भी जाना पड़ सकता है।
यातायात पुलिस के अनुसार, अब तक 12 प्रकरणों में 21 वाहन चालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
शहर के प्रमुख चौराहों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है तथा ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है।
सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर स्वयं के साथ-साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं का जीवन संकट में डालने वाले और दुर्घटनाओं को आमंत्रण देने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
ट्रैफिक एडिशनल डीसीपी संतोष कौल ने बताया कि खतरनाक और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किए जा रहे हैं, जिसके बाद पुलिस कोर्ट में चालान पेश करेगी।
वाहन चालकों को वकील के माध्यम से कोर्ट में पेश होना होगा और दोषी पाए जाने पर कम से कम छह महीने या इससे अधिक समय के लिए लाइसेंस निलंबित किया जाएगा, साथ ही तीन हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगेगा।
गंभीर मामलों में सजा का प्रविधान भी है। उन्होंने यह भी बताया कि लाइसेंस निलंबन की अवधि में यदि कोई चालक फिर पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ अतिरिक्त चालानी कार्रवाई की जाएगी।
एडीसीपी कौल ने कहा कि चौराहों और सड़कों पर खतरनाक तरीके से वाहन चलाना न केवल चालक के लिए बल्कि आसपास चल रहे अन्य वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी गंभीर खतरा बनता है।
लाल बत्ती तोड़ने, रांग साइड आकर यातायात प्रभावित करने और जाम लगाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार अपराध दर्ज कराने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
विभिन्न थानों में हुई कार्रवाई
यातायात जोन-1 में बाणगंगा थाना में एक और एरोड्रम थाना में दो वाहनों पर कार्रवाई की गई, जिससे कुल तीन प्रकरण दर्ज हुए।
यातायात जोन-2 में विजय नगर थाना में दो और खजराना थाना में पांच वाहनों पर कार्रवाई हुई, जिससे कुल तीन प्रकरण दर्ज हुए।
यातायात जोन-3 में भंवरकुआं, कोतवाली एवं तेजाजीनगर थाना में एक-एक तथा पलासिया थाना में दो वाहनों पर कार्रवाई की गई, जिससे कुल पांच प्रकरण दर्ज हुए।
यातायात जोन-4 में राजेंद्र नगर थाना में दो वाहनों पर कार्रवाई हुई, जिससे कुल दो प्रकरण दर्ज हुए।
इंदौर ट्रैफिक पर हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए पूछा है कि जब 50 सिग्नल ऑटोमैटिक हैं, तो शेष 36 को अब तक क्यों नहीं किया गया।

