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जबलपुर: ऑनलाइन रेटिंग के झांसे में युवक ने गंवाए 37 लाख रुपये

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, जबलपुर।

जबलपुर में साइबर ठगों ने होटल की ऑनलाइन रेटिंग करने के नाम पर एक युवक को घर बैठे कमाई का झांसा देकर 37 लाख 423 रुपये की ठगी की है। ठगों ने शुरुआत में छोटे टारगेट पूरे करने पर मुनाफा देकर युवक का भरोसा जीता था। इसके बाद युवक से रिचार्ज के नाम पर रकम जमा करने के लिए कहा गया। मुनाफे के लालच में युवक ने अपने, अपनी पत्नी और परिचितों के खातों से अलग-अलग रकम ट्रांसफर की। बाद में ठगों ने युवक से संपर्क तोड़ दिया और उसे ब्लॉक कर दिया। शिकायत की जांच के बाद अधारताल पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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पुलिस के अनुसार, अनु जागृति नगर, अमखेरा निवासी 29 वर्षीय विक्रांत साहू का खाता एसबीआइ की मिलौनीगंज शाखा में है। वह टेलीग्राम का इस्तेमाल करते हैं। विक्रांत को टेलीग्राम पर रियांश नाम के एक व्यक्ति का मैसेज आया था, जिसमें घर बैठे रुपये कमाने और ऑनलाइन टास्क पूरा करने की जानकारी दी गई थी। विक्रांत ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया और आरोपितों के बताए लिंक पर अपना बैंक खाता भी जोड़ दिया।

ठगों ने पहले विक्रांत को एक टारगेट पूरा करने के एवज में 1024 रुपये दिए। इसके बाद उसने 10 हजार रुपये का रिचार्ज किया, जिसके बदले उसे 17 हजार 546 रुपये वापस मिले। इसी तरह, फैमिली ट्रिप के नाम पर 20 हजार 960 रुपये का रिचार्ज करने पर उसे 42 हजार 573 रुपये मुनाफे के तौर पर मिले। मुनाफे के लालच में रकम बढ़ती गई और आरोपितों ने ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर उससे लगातार रकम जमा कराना शुरू कर दिया।

विक्रांत ने पहले 50 हजार और फिर डेढ़ लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया खाते से 99 हजार रुपये और साथी शुभम विश्वकर्मा के फोनपे से 84 हजार 787 रुपये भेजे। एसबीआई मदन महल शाखा से 3 लाख 16 हजार 310 रुपये सहित अलग-अलग खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए। आरोपितों के कहने पर अंकित गुप्ता सहित अन्य खातों में भी कई बार 40 हजार से लेकर 7 लाख रुपये तक की रकम जमा की गई।

पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए आरोपितों ने विक्रांत से कुल 37 लाख 423 रुपये ऐंठ लिए। जब युवक ने रकम वापस लेने का प्रयास किया तो आरोपितों ने उसे ब्लॉक कर दिया। इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की। अधारताल पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर लेनदेन और संबंधित खातों की जांच शुरू कर दी है।