बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य को ड्रोन निर्माण, परीक्षण, अनुसंधान और नवाचार का देश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। बुधवार को मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रानिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन और भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) भोपाल ने ड्रोन क्षेत्र की कंपनियों, स्टार्टअप, उद्योग संगठनों और अनुसंधान संस्थानों के साथ एक राउंड टेबल बैठक की। इस बैठक में ग्वालियर में प्रस्तावित ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग एंड टेस्टिंग क्लस्टर के विकास पर चर्चा हुई। साथ ही यह भी बताया गया कि आइसर में ड्रोन टेक्नोलाजी आधारित सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा।
ड्रोन क्षेत्र में निवेश और अधोसंरचना
प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम सेल्वेंद्रन ने बैठक में ड्रोन क्षेत्र में निवेश, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की सरकार की प्राथमिकताओं को साझा किया। प्रदेश में ड्रोन उद्योग के लिए एक ऐसी अधोसंरचना विकसित करने की योजना है, जिसमें निर्माण, प्रोटोटाइपिंग, कंपोनेंट टेस्टिंग, प्रमाणन और फ्लाइट टेस्टिंग जैसी सुविधाएं एक ही इकोसिस्टम में उपलब्ध होंगी। इसके लिए ग्वालियर में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग एंड टेस्टिंग क्लस्टर विकसित करना प्रस्तावित है। उद्योग प्रतिनिधियों ने कामन मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं, परीक्षण प्रयोगशालाओं और उद्योग आधारित कौशल विकास को लेकर सुझाव दिए।
आइसर भोपाल में ड्रोन टेक्नोलाजी आधारित सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए ₹85.51 करोड़ रुपये की एक परियोजना को मंजूरी दी जा चुकी है। इस सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आटोनामस सिस्टम, ड्रोन सिमुलेशन, डिजिटल ट्विन्स तथा यूएवी डिजाइन एवं निर्माण जैसी तकनीकों पर अनुसंधान कार्य होगा। इसके अतिरिक्त, प्रोटोटाइप परीक्षण, प्रूफ आफ कांसेप्ट, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और नई तकनीकों के व्यावसायीकरण पर भी काम किया जाएगा।
मानव संसाधन और उद्योग साझेदारी
सरकार का जोर केवल ड्रोन निर्माण तक सीमित नहीं है। कुशल मानव संसाधन तैयार करने, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और उच्च मूल्य वाले रोजगार के अवसर पैदा करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राउंड टेबल बैठक में गरुड़, डीएफआइ, आइडिया फोर्ज, एनएफएसयू, प्रखर और आइजेडआइ सहित अनेक कंपनियों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इन प्रतिनिधियों ने अनुसंधान एवं विकास, पायलट प्रोजेक्ट और प्रतिभा विकास में राज्य के साथ साझेदारी करने में रुचि दिखाई।

