बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश सरकार शहरों के सुनियोजित विकास के लिए मेट्रोपालिटन रीजन पर काम कर रही है। सरकार की योजना विकसित भारत- 2047 के अनुरूप भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों का स्वरूप तय करना है। प्रदेश में भोपाल तथा इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन क्षेत्र का निर्धारण हो चुका है। इन योजनाओं के साथ ही सरकार भोपाल के मास्टर प्लान को अंतिम रूप देगी।
भोपाल में गिफ्ट सिटी प्रस्ताव
भोपाल में गिफ्ट सिटी बनाई जाना प्रस्तावित है। इसके लिए केंद्र सरकार से बीएचइएल (भेल) से जमीन वापस लेने की कवायद चल रही है।
15 वर्षीय विकास एवं निवेश योजना
मेट्रोपालिटन क्षेत्र के लिए 15 वर्ष की आवश्यकता और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विकास एवं निवेश की योजना बनाई जाएगी। इसमें अधोसंरचना विकास, औद्योगिक विकास, वन क्षेत्रों का पुनर्जीवन, मिट्टी क्षरण रोकथाम, आवास एवं सामुदायिक सुविधाओं का विकास, प्राकृतिक सौंदर्य संरक्षण, पुरातात्विक महत्व वाले स्थलों का संवर्धन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना शामिल है।
मंत्री विजयवर्गीय का बयान
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक प्रश्न के जवाब में बताया कि मास्टर प्लान तैयार है। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है। विजयवर्गीय गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।
आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक उपयोग पर निर्देश
आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के संबंध में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार को विधिक रास्ते से आगे जाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना नहीं कर सकती। इसके लिए अधिकारियों और वकीलों की एक टीम बनाई जा रही है, जो इसका अध्ययन करेगी। टीम का उद्देश्य ऐसा मार्ग खोजना है, जिससे व्यापारियों का नुकसान न हो और वे यथावत व्यापार कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसके लिए सुप्रीम कोर्ट जाना होगा तो जाएंगे।
अन्य विकास एवं भर्तियां
मध्य प्रदेश के 12 जिलों के 5,300 गांवों की तस्वीर बदलेगी। इसके अतिरिक्त, 500 पदों पर भी नई भर्तियां होंगी।

