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2026-08-10

महेश्वर के बुनकर कमल गोड को राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, महेश्वर।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित संत कबीर एवं राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार समारोह में महेश्वर के प्रख्यात बुनकर कमल गोड को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस समारोह में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी उपस्थित थे।

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कमल गोड को यह सम्मान हस्तशिल्प से निर्मित महेश्वरी साड़ी की विशिष्ट बुनाई तथा पारंपरिक शिल्पकला के संरक्षण के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने अपनी पुरस्कार विजेता कृति को महेश्वर की सांस्कृतिक विरासत और देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रेरणा को समर्पित बताया।

उनकी अनु साड़ी का डिज़ाइन अहिल्या किले की स्थापत्य कला और नक्काशी से प्रेरित है, जो महेश्वर की ऐतिहासिक पहचान को धागों में साकार करता है।

कमल गोड ने अपने बयान में कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि यह महेश्वर के समूचे बुनकर समाज और पीढ़ियों से इस कला को जीवित रखने वाले शिल्पकारों का सम्मान है।

राष्ट्रपति के हाथों प्राप्त यह राष्ट्रीय पुरस्कार महेश्वरी हथकरघा परंपरा को देशभर में नई पहचान दिलाने वाला गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है।

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की नगरी महेश्वर के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर है कि राष्ट्रपति भवन में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाले ‘एट होम’ समारोह के निमंत्रण में महेश्वर में हाथ से बुने महेश्वरी स्टॉल को विशेष स्थान दिया गया है।

राष्ट्रपति भवन के निमंत्रण पत्र के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस समारोह में आने वाले अतिथियों का स्वागत नगर में पारंपरिक रेशम व सूती धागों से हाथ से बुने महेश्वरी स्टॉल से किया जाएगा।

इस स्टॉल में मध्य प्रदेश की महेश्वरी बुनाई के साथ महाराष्ट्र, गोवा और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वस्त्र कला के रूपांकनों का भी समावेश किया गया है। यह स्टॉल भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

यह इस क्षेत्र और यहाँ की कला के लिए गौरव का विषय है।

मध्य प्रदेश में नई पहल

मध्य प्रदेश में एक नई पहल के तहत महेश्वर और कुक्षी में हैंडलूम व क्राफ्ट टूरिज्म विलेज बनाए जाएंगे। इन गाँवों में पर्यटक पारंपरिक वस्त्र कला को देख सकेंगे।