बुलंद सोच।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) में ‘संगठन सृजन’ अभियान के तहत संगठनात्मक पुनर्गठन के पहले चरण की समीक्षा प्रक्रिया पूरी हो गई है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस अब 11 अगस्त को होने वाली पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) की बैठक में समीक्षा रिपोर्ट पेश करेगी।
इस बैठक में 2028 के विधानसभा चुनाव की रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
दो दिन पहले दिल्ली में एआईसीसी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और अभियान प्रभारी बामसी रेड्डी ने जिला प्रभारियों के कार्यों की सराहना करते हुए सभी को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।
फिलहाल किसी भी जिले की अंतिम ग्रेडिंग नहीं की गई है, बल्कि अगले तीन महीने के कामकाज के आधार पर जिलों को ए, बी, सी और डी श्रेणी में रखा जाएगा।
बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ सहित अन्य नेता शामिल होंगे।
दतिया जीत का उत्साह और दो चरणों की समीक्षा
दतिया की सफलता के बाद बुलाई गई इस समीक्षा प्रक्रिया में प्रदेश के सभी 71 संगठनात्मक जिलों के प्रदर्शन और डिजिटल पोर्टल पर गतिविधियों के अपलोड की स्थिति का दो चरणों में अध्ययन किया गया।
केंद्रीय नेतृत्व ने जिलाध्यक्षों पर सीधी कार्रवाई नहीं की
समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कई जिलों में जमीनी स्तर पर काम होने के बावजूद जानकारी पोर्टल पर पूरी तरह अपलोड नहीं हो सकी थी।
ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व ने किसी भी जिलाध्यक्ष पर सीधी कार्रवाई करने के बजाय सभी को सुधार का समान अवसर प्रदान किया है।
अगले तीन महीनों के दौरान जिलाध्यक्षों के ‘डेली अपडेट’, मंडलम-वार्ड कार्यकारिणी की निरंतरता और स्थानीय समन्वय का बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा।
इस मूल्यांकन के बाद ही जिलों को ए (उत्कृष्ट) से लेकर डी (कमजोर) ग्रेड में वर्गीकृत किया जाएगा।

