बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में नीट यूजी-2026 (सत्र 2026-27) की राज्य स्तरीय काउंसलिंग में शामिल होने वाले मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की आधिकारिक सूची जारी कर दी गई है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (डीएमई) ने यह सूची मंगलवार को जारी की। इस सूची के अनुसार, प्रदेश के कुल 47 सरकारी और निजी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा संस्थान काउंसलिंग में भाग लेंगे।
एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए कॉलेज
एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए कुल 35 मेडिकल कॉलेज काउंसलिंग में शामिल किए गए हैं। इनमें 20 सरकारी और 15 निजी मेडिकल कॉलेज हैं। सरकारी संस्थानों में गांधी मेडिकल कॉलेज (भोपाल), जीआरएमसी (ग्वालियर), एमजीएम (इंदौर), एनएससीबी (जबलपुर), एसएसएमसी (रीवा) और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (सागर) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दतिया, विदिशा, रतलाम, खंडवा, शहडोल, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, सतना, मंदसौर, सिवनी, नीमच, श्योपुर, सिंगरौली और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज (इंदौर) भी सरकारी कॉलेजों की सूची में हैं। निजी मेडिकल कॉलेजों में भोपाल के चिरायु, पीपुल्स, एलएन, आरकेडीएफ, महावीर और राम कृष्णा मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। इंदौर से अरबिंदो, इंडेक्स और एलएनसीटी (सेवाकुंज) तथा उज्जैन से आरडी गार्डी, देवास से अमलतास, जबलपुर से सुख सागर और सीहोर से श्री सत्य साई व मानसरोवर भी इस सूची का हिस्सा हैं।
बीडीएस पाठ्यक्रम के लिए कॉलेज
डेंटल पाठ्यक्रम के लिए कुल 12 डेंटल कॉलेज काउंसलिंग में शामिल हैं। इनमें इंदौर स्थित एकमात्र शासकीय स्वशासी दंत चिकित्सा महाविद्यालय (गवर्नमेंट डेंटिस्ट्री कॉलेज, इंदौर) शामिल है। इसके अतिरिक्त, भोपाल के पीपुल्स, आरकेडीएफ, ऋषिराज, भाभा और मानसरोवर डेंटल कॉलेज सहित इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के प्रमुख 11 निजी डेंटल कॉलेज भी काउंसलिंग का हिस्सा हैं।
अभ्यर्थियों को सुविधा
डीएमई द्वारा जारी की गई यह सूची नीट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान कॉलेज चयन और चॉइस फिलिंग निर्धारित करने में सुविधा प्रदान करेगी।

