बुलंद सोच, भोपाल।
मध्य प्रदेश सरकार ने लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से एक नया जेट प्लेन खरीदा है, जिसके सितंबर तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, इस जेट प्लेन को उड़ाने के लिए राज्य सरकार के पास प्रशिक्षित पायलट नहीं हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए, राज्य सरकार बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जेट प्लेन उड़ाने के लिए अपने एक पायलट को कनाडा में प्रशिक्षित कराएगी। इस प्रशिक्षण पर अनुमानित 50 लाख रुपये का खर्च आएगा।
विमानन संचालनालय में नियमित पद पर पदस्थ सीनियर पायलट विश्वास राय इस नए प्लेन को उड़ाने के लिए कनाडा में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्लेन को उड़ाने के लिए तीन पायलटों की व्यवस्था रहेगी, लेकिन एक बार में दो पायलट ही प्लेन उड़ाएंगे।
जब तक पायलट की ट्रेनिंग पूरी नहीं हो जाती, तब तक विमान निर्माता कंपनी एक साल के लिए अपने एक पायलट की सेवाएं मध्य प्रदेश सरकार को उपलब्ध कराएगी। तीसरे पायलट की नियुक्ति के लिए निजी एविएशन कंपनियों से दरें मांगी गई हैं।
राज्य सरकार ने इस नए स्टेट जेट प्लेन की खरीदी के लिए अपने बजट में 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर से अत्याधुनिक चैलेंजर 3500 जेट विमान खरीदा जा रहा है।
वर्तमान में, राज्य सरकार जरूरत पड़ने पर किराए के विमानों पर निर्भर रहती है। नए विमान के आने के बाद यह निर्भरता समाप्त हो जाएगी। सरकार अभी किराए के विमान का उपयोग करने के लिए प्रति घंटा दो से पांच लाख रुपये किराया देती है।
इसके अलावा, प्लेन का उपयोग हो या न हो, स्टेट हैंगर पर खड़े रहने का प्रतिदिन 10 लाख रुपये भुगतान करना होता है। इसके लिए अलग-अलग 12 विमान कंपनियों के साथ अनुबंध किया गया है। पिछले लंबे समय से यही व्यवस्था है, जिस वजह से राज्य का एक बड़ा बजट किराया भरने में ही चला जाता है।
यह जेट प्लेन केवल छह शहरों की हवाई पट्टियों पर ही उतरने लायक है। इन शहरों में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा और सिंगरौली शामिल हैं। इन शहरों के अलावा मुख्यमंत्री इस प्लेन का उपयोग प्रदेश के अन्य शहरों तक पहुंचने में नहीं कर पाएंगे।
इस प्लेन की सीटिंग कैपेसिटी आठ प्लस टू है, जिसका अर्थ है कि प्लेन में आठ यात्री बैठ सकेंगे और दो पायलट रहेंगे।
