बुलंद सोच, इंदौर।

नेशनल लीगल सर्विसेस अथारिटी (नालसा) की दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल कांफ्रेंस शनिवार से इंदौर में शुरू हुई। इस आयोजन में सुप्रीम कोर्ट के साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के 50 से अधिक न्यायमूर्ति, विधि एवं न्याय मंत्रालय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों के कार्यकारी अध्यक्ष, ख्यात विधिवेत्ता और विषय विशेषज्ञ शामिल हुए।
शहर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में इस कांफ्रेंस की शुरुआत शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने की। न्यायमूर्ति सूर्यकांत शुक्रवार देर शाम ही इंदौर पहुंच गए थे। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव भी शामिल हुए।
‘एकजुट आवाजें, सशक्त कल- संवाद, गरिमा एवं समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच को आगे बढ़ाना’ विषय पर आयोजित इस कांफ्रेंस में मध्यस्थता, आदिवासी समुदायों के विधिक सशक्तीकरण, बाल-अनुकूल न्याय और बंदियों के लिए न्याय के साथ ही विधिक सेवा संस्थानों की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर चर्चा की गई।
उज्जैन में सीजेआई का दौरा
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआइ) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सपत्नीक शुक्रवार को उज्जैन में ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन व पूजा-अर्चना की। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से कमिश्नर आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह तथा एसपी प्रदीप शर्मा ने शाल, प्रतीक चिह्न व भगवान महाकाल की प्रसादी भेंट कर उनका सम्मान किया।
उज्जैन में सीजेआई न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने उदयन मार्ग स्थित जजेस गेस्ट हाउस का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, जिला न्यायपालिका के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए।
न्यायपालिका में डिजिटल फ्यूजन
जबलपुर से पूरे देश के लिए एक नया जस्टिस मॉडल तैयार हुआ है। सीजेआई न्यायमूर्ति सूर्यकांत की मौजूदगी में न्यायपालिका में डिजिटल फ्यूजन की शुरुआत हुई।

