बुलंद सोच।
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने की दिशा में नीति आयोग ने इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स जारी किया है। इसके साथ ही “इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया: 200 अरब डॉलर का अवसर” नामक रिपोर्ट भी प्रकाशित की गई है। इस पहल का उद्देश्य राज्यों की ईवी तैयारियों का आकलन करना, चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करना, बैटरी विनिर्माण को प्रोत्साहन देना और देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने की रणनीति तैयार करना है।
ईवी लक्ष्य और आर्थिक अवसर
रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2030 तक नई वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। अनुमान है कि ईवी क्षेत्र अगले कुछ वर्षों में 200 अरब डॉलर का आर्थिक अवसर पैदा कर सकता है। इससे बैटरी निर्माण, चार्जिंग स्टेशन, कलपुर्जा निर्माण और सेवा क्षेत्र में लाखों नए रोजगार पैदा होंगे।
वाहन खुदरा बिक्री में वृद्धि
मजबूत मांग के दम पर देश में वाहनों की कुल खुदरा बिक्री जुलाई, 2026 में 25.89 प्रतिशत बढ़कर 25,91,138 इकाई तक पहुंच गई है। इस दौरान रिकॉर्ड 4,16,555 कारें (यात्री वाहन) बिकीं, जो एक साल पहले की तुलना में 19.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है। वहीं, दोपहिया वाहनों की बिक्री 28.25 प्रतिशत बढ़कर 18,18,289 इकाई हो गई।
लोकप्रिय इलेक्ट्रिक कारें
देश में उपलब्ध कुछ लोकप्रिय इलेक्ट्रिक कारें और उनकी चार्जिंग रेंज इस प्रकार हैं:
टाटा टियागो ईवी: 315 किमी
टाटा पंच ईवी: 421 किमी
एमजी विंडसर ईवी: 332 किमी
टाटा नेक्सन ईवी: 465 किमी
महिंद्रा एक्सयूवी 400 ईवी: 456 किमी
टाटा कर्व ईवी: 502 किमी
एमजी जेडएस ईवी: 461 किमी
महिंद्रा बीई6: 683 किमी
मारुति ई-विटारा: 500 किमी
किआ ईवी6: 663 किमी

