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2026-08-12

संसदीय समिति ने पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए ‘सपोर्ट सेल’ की सिफारिश की

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच,।

संसदीय समिति ने अपने दम पर कारोबार खड़ा करने वाले पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए एक अलग ‘सपोर्ट सेल’ बनाने की सिफारिश की है। समिति का मत है कि ऐसे उद्यमियों को बड़े औद्योगिक घरानों और कॉरपोरेट निवेशकों के समान ही सरकारी सुविधाओं तक आसान पहुंच मिलनी चाहिए। इसके लिए डिजिटल सिंगल-विंडो व्यवस्था को मजबूत करने, फास्ट-ट्रैक सुविधा प्रदान करने और अनुपालन से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाने का सुझाव दिया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि नया कारोबार शुरू करने वाला व्यक्ति विभिन्न सरकारी कार्यालयों और विभागों का चक्कर लगाने के बजाय एक ही व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक कार्य पूरे कर सके।

संसदीय समिति ने केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर कारोबार के लिए आवश्यक सभी अनुमोदनों को नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से जोड़ने की सिफारिश की है। समिति के अनुसार, आवेदन जमा करने, दस्तावेज प्रस्तुत करने, भुगतान करने, निरीक्षण और मंजूरी की पूरी प्रक्रिया एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होनी चाहिए। इससे उद्यमियों को अलग-अलग विभागों में आवेदन करने और बार-बार जानकारी देने की परेशानी कम होगी, विशेषकर उन लोगों के लिए जो पहली बार कारोबार शुरू कर रहे हैं और जिन्हें सरकारी प्रक्रियाओं तथा विभिन्न नियमों की सीमित जानकारी होती है।

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मौजूदा व्यवस्था की खामियां और सुधार के सुझाव

समिति ने मौजूदा व्यवस्था में कई खामियों पर चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट के अनुसार, नियामकीय जिम्मेदारियां कई अलग-अलग प्राधिकरणों में बंटी होने के कारण उद्यमियों को एक ही कार्य के लिए कई स्तरों से मंजूरी लेनी पड़ती है। इसके अतिरिक्त, बार-बार निरीक्षण और अलग-अलग जगहों पर कानूनों की भिन्न व्याख्या भी कारोबारियों के लिए कठिनाइयां उत्पन्न करती है।

समिति ने कागज-आधारित प्रक्रियाओं से आगे बढ़कर डिजिटल व्यवस्था अपनाने पर जोर दिया है। साथ ही, निरीक्षण व्यवस्था को जोखिम के आधार पर व्यवस्थित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि हर कारोबार पर एक समान जांच का बोझ न पड़े।

उद्देश्य और भावी प्रभाव

समिति की सिफारिशों का मुख्य उद्देश्य कारोबार शुरू करने और उसे चलाने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। पहली पीढ़ी के उद्यमियों के पास बड़े औद्योगिक समूहों की तरह अलग कानूनी, नियामकीय और प्रशासनिक टीम नहीं होती। ऐसी स्थिति में, कई विभागों से मंजूरी प्राप्त करने, दस्तावेज जमा करने और निरीक्षण जैसी प्रक्रियाएं उनके लिए अधिक जटिल हो सकती हैं।

सपोर्ट सेल और एकीकृत डिजिटल व्यवस्था लागू होने पर उन्हें एक ही स्थान से जानकारी और सरकारी प्रक्रियाओं में सहायता मिल सकती है। हालांकि, ये अभी संसदीय समिति की सिफारिशें मात्र हैं। इन्हें किस रूप में और कब लागू किया जाएगा, यह सरकार के आगामी निर्णयों पर निर्भर करेगा।