बुलंद सोच, भोपाल।
एसी कोच में आरएसी (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अब कन्फर्म यात्रियों की तरह पूरा बेडरोल किट उपलब्ध कराया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में 4 अगस्त 2026 को सभी जोनों को निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, एसी चेयर कार को छोड़कर सभी एसी श्रेणियों में यात्रा करने वाले आरएसी यात्रियों को चादर, कंबल, तकिया और अन्य निर्धारित सामग्री सहित पूरा बेडरोल किट मिलेगा।
शिकायतों के बाद लिया गया निर्णय
यह निर्णय रेलवे बोर्ड को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें आरएसी यात्रियों को पूरा बेडरोल किट न मिलने की बात कही गई थी। कई बार यात्रियों को सिर्फ चादर दी जाती थी या बेडरोल देने से ही मना कर दिया जाता था, जबकि वे एसी कोच का पूरा किराया चुकाते थे। बोर्ड ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है और 2016, 2017 तथा 2023 के पुराने निर्देशों को दोहराते हुए सभी जोनों को उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। साल 2022 में प्रयागराज से दिल्ली जा रहे एक आरएसी यात्री को साझा बर्थ पर केवल एक कंबल, एक तकिया और दो चादरें दी गई थीं। अतिरिक्त बेडरोल से इनकार होने पर यात्री ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। रेलवे ने तब नियमों और उपलब्धता के आधार पर बेडरोल देने की दलील दी थी, जिसके बाद रेलवे बोर्ड ने सभी जोन के लिए ये निर्देश जारी किए।
किन ट्रेनों में लागू होगा नियम?
यह नया नियम एसी फर्स्ट क्लास, एसी टू टीयर, एसी थर्ड टीयर, एसी थर्ड इकोनॉमी और एसी गरीब रथ (यदि बेडरोल चुना हो तो) में लागू होगा।
यात्री क्या करें यदि बेडरोल न मिले?
यदि किसी आरएसी यात्री को यात्रा के दौरान बेडरोल नहीं मिलता है, तो उसे सबसे पहले कोच अटेंडेंट से इसकी मांग करनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर टीटीई को सूचित किया जा सकता है। इसके बाद भी समस्या हल न होने पर यात्री रेल मदद ऐप या हेल्पलाइन नंबर 139 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यात्रियों को शिकायत संख्या अपने पास सुरक्षित रखनी चाहिए।
अधिकारी का बयान
भोपाल के एडीआरएम अभिराम खरे ने इस संबंध में बताया कि आरएसी यात्रियों को बेडरोल देने की व्यवस्था पहले से लागू है। उन्होंने कहा कि संभवतः यात्रियों की शिकायतें रेलवे बोर्ड तक पहुंची होंगी, जिसके कारण अब सभी जोनों को इसका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। अभिराम खरे ने यह भी स्पष्ट किया कि आरएसी टिकटों का प्रतिदिन का आंकड़ा देना संभव नहीं है, क्योंकि सीटें उपलब्ध होने पर वे कन्फर्म हो जाती हैं। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि रेलवे के पास बेडरोल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

