बुलंद सोच, सागर।

मकरोनिया-गुड़ा रेलवे फाटक के पास रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब माल से लदा एक ट्रक अचानक रेलवे ट्रैक के बीच बंद हो गया। इसी दौरान ट्रेन के आने का समय था। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए वहां से गुजर रहे 10वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (क्यूआरएफ), सागर की एसएएएफ कंपनी के जवानों ने मोर्चा संभाला।
जवानों ने बिना समय गंवाए ट्रक को धक्का देकर रेलवे ट्रैक से बाहर सुरक्षित स्थान तक पहुंचा दिया। जवानों की तत्परता और सामूहिक प्रयास से एक संभावित रेल दुर्घटना टल गई।
जानकारी के अनुसार, 10वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, सागर की क्यूआरएफ कंपनी दमोह के बांदकपुर मंदिर में कानून-व्यवस्था ड्यूटी के लिए रवाना हो रही थी। इसी दौरान मकरोनिया-गुड़ा रेलवे फाटक के पास यह मालवाहक ट्रक रेलवे ट्रैक के बीच अचानक बंद हो गया था। ट्रक पूरी तरह माल से लदा हुआ था।
रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आने की स्थिति बन रही थी। ट्रक को ट्रैक पर खड़ा देखकर जवानों ने तत्काल स्थिति का आकलन किया। समय बेहद कम था और भारी ट्रक को हटाना काफी मुश्किल था। जवानों ने चालक की मदद करते हुए ट्रक को हटाने का प्रयास शुरू किया।
सभी जवानों ने एकजुट होकर ट्रक को धक्का लगाना शुरू कर दिया। क्यूआरएफ जवानों के सामूहिक प्रयास से भारी-भरकम ट्रक को रेलवे ट्रैक से हटाकर सुरक्षित दूरी पर पहुंचा दिया गया।
जवानों की इस कार्रवाई से ट्रेन के आने से पहले रेलवे ट्रैक खाली हो गया। इस प्रकार एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
इस दौरान क्यूआरएफ जवानों ने केवल कानून-व्यवस्था की ड्यूटी निभाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि संकट में फंसे नागरिक की मदद के लिए तत्काल आगे आए।
ट्रक चालक ने जवानों का आभार व्यक्त किया। अचानक मिली मदद से वह भावुक भी हो गया। जवानों ने उसे ढांढस बंधाते हुए सुरक्षित रहने की बात कही।
समय पर लिया गया सही फैसला, एकजुट होकर किया गया प्रयास और मानव जीवन के प्रति संवेदनशीलता ने मिलकर एक संभावित बड़ी रेल दुर्घटना को टाल दिया।
ट्रक के रेलवे ट्रैक पर बंद होने के बाद दोनों ओर से वाहनों की कतार लग गई थी। हालांकि, जाम जैसे हालात निर्मित नहीं हुए।

