बुलंद सोच, सतना।

सतना जिले में एक बार फिर भारी बारिश के चलते बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार को भी जारी रही। कई हिस्सों में तेज बारिश के कारण सतना, मंदाकिनी और सेमरावल सहित कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
मंदाकिनी नदी का रौद्र रूप
चित्रकूट में मंदाकिनी ने फिर रौद्र रूप दिखाया। आरोग्यधाम के पास सुबह छह बजे मंदाकिनी का जलस्तर 137.15 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां अधिकतम बाढ़ स्तर 139.60 मीटर है। जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने आरोग्यधाम क्षेत्र की बस्तियों में मुनादी कराई और लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास शुरू किया।
दोपहर बाद मंदाकिनी का पानी उतरना शुरू हुआ और सियाराम कुटीर के नीचे मुख्य सड़क से पानी कम होने लगा। चित्रकूट के स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी और रामघाट क्षेत्र में पानी बढ़ने से स्थिति संवेदनशील बनी रही। गुप्त गोदावरी के आसपास सड़क पर तेज बहाव रहा, वहीं कामतानाथ परिक्रमा मार्ग में द्वितीय मुखारविंद व शनि मंदिर के पास भारी जलभराव रहा।
चित्रकूट में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने वन देवी आश्रम के दो हाल खुलवाए हैं, जहां करीब 100 लोगों को ठहराया जा सकता है। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए छह टैक्सियां आरक्षित रखी गई हैं।
अन्य नदियों का प्रभाव और मार्गों पर असर
सेमरावल नदी के उफान के कारण 40 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। सेमरावल सहित तीन नदियों के जलस्तर में वृद्धि से जैतवारा के निचले वार्डों में पानी भर गया। कोटर और रामपुर बघेलान के नदी तटीय गांवों में प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
सतना नदी के बढ़ते जलस्तर और कटाव से अटरा-जिगनाहट मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। इस मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। मझगवां में डेंगरहट-खोड़री मार्ग पर एक पुल धंस गया, जिससे आवागमन बंद करना पड़ा।
टमस नदी के गेट खुले
टमस नदी पर रामनगर में बने जलाशय के 12 गेट खुलने से नदियों का जलस्तर और बढ़ गया है। टमस नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। वर्तमान जलस्तर 288.29 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का स्तर 289 मीटर है। पानी की आवक बढ़ने के कारण 12 गेट 0.75 मीटर की ऊंचाई तक खोले गए हैं, जिनसे प्रति सेकंड 1338 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
बचाव अभियान और प्रशासन के निर्देश
चित्रकूट के केवटरा क्षेत्र में नाव बचाने के प्रयास में एक युवक नदी के तेज बहाव में बह गया। युवक का वीडियो सामने आया, जिसमें वह मदद की गुहार लगाता नजर आया। सूचना पर एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू आपरेशन चलाकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने पूरे जिले के प्रशासनिक अमले और राहत-आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। पिछले 24 घंटे में जिले में 59.1 मिमी बारिश हुई है।
मध्य प्रदेश में मौसम अलर्ट
एमपी वेदर की 2 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, सीधी-भोपाल समेत 7 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। अगले 72 घंटे तक मध्य प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है।

