बुलंद सोच, शिवपुरी।

माधव टाइगर रिजर्व से सटे हातौद और छोटी हातौद गांवों में पिछले कई महीनों से डेरा जमाए तेंदुआ परिवार की दहशत पर आखिरकार विराम लग गया है।
वन विभाग और माधव टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने गुरुवार को बड़ी सूझबूझ से दो युवा तेंदुओं को पिंजरे में कैद कर लिया।
दोनों तेंदुओं को सुरक्षित रूप से रिजर्व के कोर क्षेत्र में छोड़ दिया गया है, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
हातौद निवासी मनीष मेहरोत्रा के अनुसार, तेंदुआ परिवार में मां के साथ दो युवा तेंदुए शामिल थे। ये तेंदुए गांव के पास की पहाड़ी को अपना ठिकाना बनाए हुए थे और खेतों पर विचरण करते थे।
युवा होने के कारण ये छोटे-मोटे शिकार कर रहे थे। मंगलवार-बुधवार की रात विक्की के घर के पास से कुत्ते का शिकार भी किया गया था।
ग्रामीणों की शिकायत पर माधव टाइगर रिजर्व की टीम ने करीब पांच दिन पहले छोटी हातौद में पिंजरा लगाया था। विभाग द्वारा पिंजरे में कुत्ते को बतौर चारा बांधा गया, लेकिन तेंदुए के आते ही कुत्ता जोर-जोर से भौंकने लगता और तेंदुए भाग जाते।
इसके बाद ग्रामीणों और टीम ने योजना बदली। हातौद के ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर एक बकरा खरीदा और बुधवार-गुरुवार की रात उसे पिंजरे में बांधा।
यह तरकीब काम कर गई। बकरे को आसान शिकार समझकर दोनों युवा तेंदुए एक साथ पिंजरे के अंदर घुस गए और दरवाजा बंद हो गया।

