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2026-08-14

सीमेंट चोरी में गिरफ्तार 35 वर्षीय नीरज धाकड़ की दो दिन बाद मौत, शरीर पर चोट के निशान

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

सीमेंट चोरी के आरोप में सूखीसेवनिया पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 35 वर्षीय ठेकेदार नीरज धाकड़ की जेल चले जाने के दो दिन बाद मौत हो गई। इस घटना ने पुलिस की गिरफ्तारी और हिरासत में हुई कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने नीरज के साथ मारपीट की थी, उसके शरीर पर सीने, पीठ और कनपटी पर चोट के निशान बताए गए हैं। इतना ही नहीं, जेल में भी उसका एक अन्य कैदी से विवाद और मारपीट होने की बात सामने आई है।
परिवार ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है, और मामले में न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है।
रायसेन जिले के गौहरगंज तहसील के देवरी गांव निवासी नीरज धाकड़ ठेकेदारी का काम करता था। सूखीसेवनिया पुलिस ने उसे सात अगस्त को सीमेंट चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था।

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गिरफ्तारी से अस्पताल तक का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद नीरज का मेडिकल परीक्षण कराया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद उसे भोपाल सेंट्रल जेल भेज दिया गया। परिजनों का कहना है कि जेल जाने के बाद नीरज की तबीयत बिगड़ने लगी।
इसके बाद उसे उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। नीरज के शरीर पर सीने, पीठ और कनपटी पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है, इन्हीं चोटों को लेकर स्वजन पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
स्वजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान नीरज के साथ मारपीट की गई थी, हालांकि चोटें कब और कैसे लगीं, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

पत्नी के आरोप और जेल प्रशासन का बयान

नीरज की पत्नी रानी धाकड़ ने पुलिस पर रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया है। रानी धाकड़ ने बताया कि सात अगस्त को जब वह थाने में पति से मिलने गई थी, तब नीरज ने उसे बताया था कि पुलिस रुपये मांग रही है और कोर्ट में पेशी के दौरान 10 हजार रुपये लेकर आने को कहा था। पत्नी के अनुसार, उसने तत्काल इतनी रकम की व्यवस्था करने में असमर्थता जताई थी।
जेल प्रशासन का कहना है कि नीरज ने सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे हमीदिया अस्पताल भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हुई।
एसपी (भोपाल ग्रामीण पुलिस) पंकज पांडे ने बताया कि युवक को सीमेंट चोरी के आरोप में पकड़ा गया था और पुलिस ने सामान जब्त कर अगले ही दिन मेडिकल परीक्षण के बाद जेल में भेज दिया था।
न्यायिक जांच में गिरफ्तारी से लेकर मेडिकल परीक्षण, थाने की कार्रवाई, जेल में हुए विवाद और अस्पताल में उपचार तक की पूरी कड़ी की पड़ताल होगी।